केतन अग्रवाल मर्डर केस में क्रिकेट कनेक्शन, जांच में नए खुला

पुणे के लोहागढ़ किले में हुए चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच हर दिन नए मोड़ ले रही है। अब इस मामले में क्रिकेट कनेक्शन सामने आया है। पुलिस को मिली नई जानकारी से सिया गोयल और चेतन चौधरी के रिश्ते, परिवार की जानकारी और डिजिटल सबूतों को लेकर कई अहम सवाल खड़े हो गए हैं।
क्रिकेट मैच से शुरू हुई थी दोनों की पहचान
जांच के दौरान सिया गोयल के भाई साहिल गोयल से करीब 10 घंटे तक पूछताछ की गई। साहिल ने पुलिस को बताया कि वह चेतन चौधरी को पहले से जानता था। उसके मुताबिक, सिया अक्सर उसके क्रिकेट मैच देखने जाती थीं, जहां उनकी पहली मुलाकात चेतन से हुई। बाद में पिछले वर्ष एक साझा दोस्त की दिवाली पार्टी में दोनों फिर मिले और धीरे-धीरे उनके बीच नजदीकियां बढ़ती चली गईं।
2,000 से ज्यादा कॉल्स ने बढ़ाए संदेह
पुलिस जांच में सामने आया है कि जनवरी से जून के बीच सिया गोयल और चेतन चौधरी के बीच 2,000 से अधिक बार फोन पर बातचीत हुई। इन कॉल्स की कुल अवधि लगभग 238 घंटे बताई जा रही है। जांच एजेंसियां इस पूरे संचार रिकॉर्ड का विश्लेषण कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कथित हत्या की साजिश कब और कैसे तैयार की गई।

परिवार के बयानों में दिखा विरोधाभास
सिया के भाई साहिल ने स्वीकार किया कि वह चेतन को जानता था, जबकि पहले उसके माता-पिता ने पुलिस को बताया था कि उन्हें चेतन चौधरी के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। वहीं सिया की मां पूजा गोयल का कहना है कि उनकी बेटी ने कभी इस शादी को लेकर असहमति नहीं जताई। दूसरी ओर, सिया के वकील का कहना है कि सिया और चेतन केवल अच्छे दोस्त थे।
डिलीट चैट और डिजिटल सबूतों की जांच
जांच में यह भी सामने आया कि दोनों आरोपियों ने अपने मोबाइल फोन से व्हाट्सऐप चैट, इंस्टाग्राम संदेश और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड डिलीट कर दिए थे। अब फोरेंसिक विशेषज्ञ इन डिलीट डेटा को रिकवर करने में जुटे हैं ताकि बातचीत का पूरा रिकॉर्ड सामने आ सके। पुलिस को उम्मीद है कि डिजिटल साक्ष्य मामले की कई अहम कड़ियों को जोड़ने में मदद करेंगे।
कैफे मीटिंग भी जांच के घेरे में
पुलिस के अनुसार, 17 जून को कथित वारदात से एक दिन पहले सिया गोयल और चेतन चौधरी पुणे के लुल्ला नगर स्थित एक कैफे में करीब एक घंटे तक मिले थे। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या इसी मुलाकात में हत्या की योजना बनाई गई थी। लोनावला डिवीजन के डीएसपी गजानन टोनपे के अनुसार, अब तक की जांच में दोनों आरोपियों की भूमिका स्पष्ट रूप से सामने आ चुकी है और आगे की जांच डिजिटल एवं परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर जारी है।
जांच के अगले चरण पर सबकी नजर
पुलिस अब सिया के अन्य रिश्तेदारों के बयान दर्ज करने के साथ-साथ फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। डिजिटल सबूत, कॉल रिकॉर्ड और गवाहों के बयान इस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड की सच्चाई सामने लाने में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं। आने वाले दिनों में जांच से जुड़े नए तथ्य इस मामले की दिशा तय करेंगे।