प्रभारी के रूप में संजय दत्त के सामने पहली बड़ी चुनौती है हरियाणा कांग्रेस से गुटबाजी को खत्म करना
कुशल संगठनकर्ता के रूप में जाने जाते हैं हरियाणा कांग्रेस के नए प्रभारी

सत्य खबर हरियाणा
Congress incharge : हरियाणा कांग्रेस को कल नया प्रभारी मिल गया है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने महाराष्ट्र के वरिष्ठ कांग्रेस नेता, पूर्व एमएलसी और पूर्व राष्ट्रीय सचिव संजय सतीशचंद्र दत्त को हरियाणा का नया प्रभारी नियुक्त किया है। उन्होंने बीके हरिप्रसाद का स्थान लिया है, जिन्हें हाल ही में कर्नाटक कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष बनाने के बाद हरियाणा के प्रभार से मुक्त कर दिया गया है। उनकी नई जिम्मेदारी के बाद करीब एक पखवाड़े से हरियाणा कांग्रेस में प्रभारी का पद प्रभावी रूप से खाली था। संजय दत्त के सामने हरियाणा कांग्रेस से गुटबाजी को खत्म कर पार्टी संगठन को मजबूत बनाना बड़ी चुनौती है। इससे पहले के सभी प्रभारी इस अभियान में विफल रहे हैं।

हरियाणा कांग्रेस के नये प्रभारी की नियुक्ति से पहले पूर्व मुख्यमंत्री एवं विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने नई दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल से मुलाकात की थी। उनकी इन बैठकों को हरियाणा कांग्रेस के संगठनात्मक मुद्दों और नये प्रभारी की नियुक्ति के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा था। इसके कुछ समय बाद ही हाईकमान ने संजय दत्त के नाम पर हरियाणा के प्रभारी के रूप में मुहर लगा दी। संजय दत्त का नाम इस पद के लिए दौड़ में था ही नहीं। सूत्र बताते हैं कि कुछ और नाम चर्चा में थे, लेकिन पार्टी ने संजय दत्त को जिम्मेदारी सौंपकर सभी को हैरान कर दिया है।
संजय दत्त की भूमिका
संजय सतीशचंद्र दत्त महाराष्ट्र कांग्रेस के अनुभवी नेता हैं। संगठनात्मक कार्यों का लंबा अनुभव होने के कारण पार्टी नेतृत्व ने उन्हें हरियाणा जैसे राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण राज्य की जिम्मेदारी सौंपी है।
इनके सामने संगठन को सक्रिय करना, गुटबाजी पर नियंत्रण रखना, जिला और ब्लाक स्तर पर संगठन को मजबूत करना तथा आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों और चुनावी तैयारियों को गति देना प्रमुख चुनौती होगी।
संजय दत्त की नियुक्ति के साथ संगठन को फिर से सक्रिय करने की कवायद तेज होने की उम्मीद है। इनकी सबसे बड़ी पहचान एक कुशल संगठनकर्ता, अनुशासित और आलाकमान के भरोसेमंद नेता की है।
प्रभारी के रूप में बड़ी चुनौती
हरियाणा जैसे राज्य में विभिन्न नेताओं के बीच संतुलन बनाना उनकी सबसे बड़ी परीक्षा होगी। किसी भी स्थानीय गुट से सीधे जुड़े नहीं हैं, इसलिए अपेक्षाकृत तटस्थ माने जाएंगे। उन्हें संगठनात्मक पुनर्गठन और सभी गुटों के बीच समन्वय स्थापित करने का अनुभव है। यदि वे भूपेंद्र सिंह हुड्डा, कुमारी सैलजा, रणदीप सिंह सुरजेवाला, बीरेंद्र सिंह और अन्य नेताओं के बीच बेहतर तालमेल बना पाए, तो यह उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि मानी जाएगी। वे अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी में राष्ट्रीय सचिव, तमिलनाडु, पुडुचेरी, मध्य प्रदेश तथा हिमाचल प्रदेश के सह-प्रभारी जैसी जिम्मेदारियां निभा चुके हैं। लेकिन प्रभारी के रूप में उनकी यह पहली नियुक्ति है।
कौन हैं संजय दत्त?
संजय दत्त कांग्रेस के सीनियर लीडर और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के सचिव हैं। महाराष्ट्र से कांग्रेस की छात्र राजनीति (एनएसयूआइ) के जरिये सक्रिय उन्होंने राजनीति में प्रवेश किया। संजयचंद्र दत्त ने महाराष्ट्र विधान परिषद (एमएलसी) के सदस्य के रूप में कई कार्यकाल पूरे किए। वह महाराष्ट्र विधान परिषद में कांग्रेस के मुख्य सचेतक (व्हिप) भी रहे। उन्हें संगठन निर्माण और बूथ स्तर तक नेटवर्क खड़ा करने में दक्ष माना जाता हैं। हरियाणा में फिलहाल कांग्रेस अपने संगठन को खड़ा कर रही है, ऐसे में संजय दत्त को अपनी योग्यता दिखाने का अवसर मिलेगा।
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