राष्‍ट्रीय

Delhi Blast: डॉक्टर शाहीन के कमरे से मिले 18.50 लाख नगद और 300 ग्राम सोना

Satyakhabarindia

Delhi Blast: दिल्ली धमाके के बाद आतंकी मॉडयूल की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है। केस में नए खुलासे हो रहे हैं। जांच के लिए एनआईए की टीम लेडी आतंकी डॉक्टर शाहीन को लेकर फरीदाबाद पहुंची थी। टीम को शाहीन के फ्लैट से भारी मात्रा में नकदी, सोने के गहने और विदेशी मुद्रा बरामद हुई। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की एक टीम ने अल-फलाह विश्वविद्यालय स्थित डॉ. शाहीन शाहिद के छात्रावास वाले कमरे में तलाशी ली। इस दौरान एनआईए ने यहां से 18 लाख रुपये नगद बरामद किए। कमरा संख्या 22 की एक अलमारी में मिले इन भारी भरकम पैसों से इस बात की आशंका बढ़ गई है कि यह पैसा विश्वविद्यालय के भीतर से संचालित हो रहे ‘सफेदपोश आतंकी मॉड्यूल’ को वित्तपोषित करने के लिए रखा गया होगा।

एनआईए की टीम ने फरीदाबाद स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी के फ्लैट नंबर-32 में शाहीन की अलमारी का लॉक खुलवाया, यहां कई पैकेट रखे हुए थे। इन पैकेटों में 500-500 के नोट रखे गए थे। सभी पैकेट को खोलकर गिनती करने पर 18.50 लाख रुपए बरामद हुए। इसके अलावा दो सोने के बिस्कुट और गहने भी मिले। सोने का वजन करीब 300 ग्राम था। इसके साथ ही शाहीन की अलमारी से सऊदी अरब और अन्य देशों की करेंसी भी मिली। शाहीन के फ्लैट के अलावा एडमिन ब्लॉक में भी उसके नाम से एक लॉकर था। जांच में टीम को यहां से कुछ दस्तावेज मिले है। एनआईए की करीब 25 सदस्यों की टीम डॉक्टर शाहीन के साथ आई थी। टीम में महिला अधिकारी भी शामिल थी। नोट गिनने की मशीन ना होने के कारण टीम ने हाथ से ही पैसे को गिना और डिजिटल मशीन से सोने का वजन किया गया।

आज 2 अप्रैल 2026 का पंचांग और राशिफल

10 नवंबर को दिल्ली में हुए बम विस्फोट में भूमिका के लिए डॉ. शाहीन शाहिद गिरफ्तार की गई थी। शाहीन को एनआईटी इलाके की एक दुकान पर निशानदेही के बाद विश्वविद्यालय परिसर लाया गया। इसी दुकान से कथित तौर पर विस्फोटक बनाने के लिए रसायन खरीदे गए थे।

Delhi Blast: डॉक्टर शाहीन के कमरे से मिले 18.50 लाख नगद और 300 ग्राम सोना

दुबई में ऑयल टैंकर पर ड्रोन हमला: तेल रिसाव से पर्यावरण और स्वास्थ्य पर मंडरा रहा खतरा
दुबई में ऑयल टैंकर पर ड्रोन हमला: तेल रिसाव से पर्यावरण और स्वास्थ्य पर मंडरा रहा खतरा

फंडिंग का सोर्स खंलाल रही एनआईए

अधिकारियों ने कहा कि वे अब धन के स्रोत का पता लगा रहे हैं और यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या यह मॉड्यूल के नेटवर्क के जरिए पहुंचाया गया था। इस धन हस्तांतरण में मदद करने वाले किसी भी व्यक्ति की पहचान के लिए भी तलाशी शुरू कर दी गई है। जब्ती के बाद, एनआईए ने पूरे परिसर में शाहीन की गतिविधियों का पता लगाया, उसे मेडिकल वार्ड, कक्षा और डॉक्टर के केबिन में ले जाकर उसकी दिनचर्या का पता लगाया और संभावित सहयोगियों की पहचान की। अधिकारियों ने बताया कि एजेंसी उन छात्रों, कर्मचारियों और अन्य लोगों की सूची तैयार कर रही है जिनसे उसने आतंकी नेटवर्क बनाने के दौरान संपर्क किया होगा।

ऐसे शाहीन ने बिछाया था जाल

सूत्रों के अनुसार शाहीन अल-फलाह में अपनी पढ़ाई के दौरान भी मॉड्यूल में सक्रिय रही और विश्वविद्यालय के अंदर और बाहर अपने संपर्कों का दायरा बढ़ाने की कोशिश करती रही। शाहीन से जुड़ी एनआईए की कार्रवाई अल-फलाह के एक अन्य डॉक्टर, डॉ. मुजम्मिल अहमद गनई, जिन्हें आतंकी मॉड्यूल का हिस्सा होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था, को फरीदाबाद लाए जाने के एक दिन बाद हुई। गनई ने दो दुकानों की पहचान की, जहां से उसने अमोनियम नाइट्रेट खरीदा था और अपने कमरों में जमा किया था। जांच एजेंसी ने मुजम्मिल से जुड़े दो और ठिकानों का भी पता लगाया, जिससे यह अनुमान लगाया जा रहा है कि और विस्फोटक छिपे हो सकते हैं।

खेल जगत से राजनीति तक पेस का सफर, BJP में शामिल होकर दिया बड़ा संकेत
खेल जगत से राजनीति तक पेस का सफर, BJP में शामिल होकर दिया बड़ा संकेत

विश्वविद्यालय से कुछ किलोमीटर की दूरी पर स्थित दो अन्य कमरों में, मुजम्मिल ने 2,900 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट, एक विस्फोटक सामग्री, जमा कर रखी थी। जांचकर्ताओं को यह भी पता चला कि उसने फतेहपुर तगा में किराए पर लिए गए एक मौलवी के घर में ले जाने से पहले, इसका एक बड़ा हिस्सा गांव के खेतों में छिपा दिया था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button