फ्लाइट में पावर बैंक बना बड़ा खतरा, DGCA नियम तोड़ने पर हो सकता है हादसा

DGCA: आज भी बड़ी संख्या में यात्री अनजाने में या लापरवाही से ऐसी गलतियां कर रहे हैं, जो हवाई यात्रा के दौरान आग, धुआं या शॉर्ट सर्किट जैसी गंभीर घटनाओं का कारण बन सकती हैं। इसका सबसे बड़ा कारण वह पावर बैंक है, जो लगभग हर यात्री के बैग में मौजूद होता है। बहुत कम लोग जानते हैं कि फ्लाइट के दौरान पावर बैंक का इस्तेमाल करना या उससे मोबाइल फोन चार्ज करना प्रतिबंधित है। इसके बावजूद देश के कई हवाई अड्डों और विमानों में यात्री इन नियमों को नजरअंदाज करते दिख जाते हैं। नवंबर 2025 में नागरिक उड्डयन महानिदेशालय यानी DGCA ने इस संबंध में स्पष्ट दिशा निर्देश जारी किए थे। इसमें बताया गया था कि लिथियम बैटरी से चलने वाले उपकरण विमान की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकते हैं।
नवंबर में DGCA ने क्या नियम बताए थे
DGCA द्वारा जारी सर्कुलर में कहा गया था कि मोबाइल फोन, लैपटॉप, टैबलेट और पावर बैंक में इस्तेमाल होने वाली लिथियम बैटरियां अत्यधिक ऊर्जा वाली होती हैं। यदि ये बैटरियां अधिक गर्म हो जाएं, खराब गुणवत्ता की हों या इनमें शॉर्ट सर्किट हो जाए तो इनमें आग लगने की आशंका बहुत बढ़ जाती है। खतरा तब और बढ़ जाता है जब पावर बैंक चेक इन बैग या ओवरहेड बिन में रखे जाते हैं। ऐसी जगहों पर किसी समस्या की स्थिति में तुरंत पहुंचना संभव नहीं होता। नियमों के अनुसार यात्री केवल हैंड बैगेज में ही पावर बैंक या अतिरिक्त लिथियम बैटरी ले जा सकते हैं। चेक इन बैग में इन्हें रखना पूरी तरह प्रतिबंधित है। इसके अलावा DGCA ने यह भी कहा कि पावर बैंक को ओवरहेड बिन में रखने से बचना चाहिए और उसे ऐसी जगह रखा जाए जहां यात्री खुद उस पर नजर रख सकें।

धुआं या गर्मी निकले तो क्या करें यात्री
DGCA के नियमों में यह भी साफ किया गया है कि उड़ान के दौरान पावर बैंक का इस्तेमाल करना या उससे मोबाइल फोन चार्ज करना मना है। इसके बावजूद कई यात्री फ्लाइट में चार्जिंग करते नजर आते हैं, जो न केवल नियमों का उल्लंघन है बल्कि सभी यात्रियों की सुरक्षा के लिए खतरा भी है। यदि किसी पावर बैंक या अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस से अत्यधिक गर्मी, धुआं या अजीब सी गंध आने लगे तो यात्री को तुरंत केबिन क्रू को सूचना देनी चाहिए। शॉर्ट सर्किट से बचने के लिए DGCA ने सलाह दी है कि पावर बैंक को हमेशा कवर या सुरक्षित केस में रखें। बैटरी के टर्मिनल खुले नहीं होने चाहिए, ताकि किसी धातु से संपर्क होने पर चिंगारी न पैदा हो। छोटी सी सावधानी एक बड़े हादसे को टाल सकती है।
एयरलाइंस और यात्रियों दोनों की जिम्मेदारी
नवंबर में जारी इसी सर्कुलर में एयरलाइंस और एयरपोर्ट संचालकों को भी स्पष्ट निर्देश दिए गए थे। उनसे कहा गया था कि वे यात्रियों को इन नियमों के बारे में लगातार जागरूक करें। इसके लिए घोषणाएं, पोस्टर, वीडियो और डिजिटल स्क्रीन का इस्तेमाल किया जाए। विमान के अंदर और एयरपोर्ट पर पावर बैंक से जुड़े नियमों की जानकारी साफ साफ दिखाई जानी चाहिए। इसके साथ ही केबिन क्रू को लिथियम बैटरी से जुड़ी आग या आपात स्थिति से निपटने का विशेष प्रशिक्षण देना भी अनिवार्य किया गया। कुल मिलाकर पावर बैंक को लेकर नियम नए नहीं हैं, बल्कि नवंबर 2025 में इन्हें और स्पष्ट किया गया था। जरूरी है कि यात्री इन नियमों को गंभीरता से लें। पावर बैंक से जुड़ी छोटी सी लापरवाही भी पूरे विमान और उसमें सवार सभी लोगों की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन सकती है।