मेजर स्वाति शांता को UN Secretary-General’s Award, लैंगिक समानता में दिया बड़ा सम्मान

भारतीय सेना की मेजर स्वाति शांता कुमार को 2025 का UN Secretary-General’s Award जेंडर कैटेगरी में दिया गया है। यह पुरस्कार उन्हें संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने दिया। मेजर स्वाति ने दक्षिण सूडान में तैनाती के दौरान ‘Equal Partners, Lasting Peace’ नामक प्रोजेक्ट के जरिए लैंगिक समानता और शांति स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनका यह योगदान महिलाओं के लिए सुरक्षित और सहायक माहौल बनाने में बेहद प्रभावशाली रहा है। इस पुरस्कार से न केवल उनकी मेहनत की सराहना हुई बल्कि भारत के लिए भी गर्व का मौका आया।
मेजर स्वाति की पृष्ठभूमि और सेना में योगदान
मेजर स्वाति शांता कुमार बेंगलुरु की निवासी हैं। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा भी बेंगलुरु से पूरी की और न्यू होराइजन कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स में इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की। शुरुआत में वे IBM कंपनी में कार्यरत थीं, लेकिन बाद में सेना में शामिल होने का फैसला लिया। वे कॉर्प्स ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एड मैकेनिकल इंजीनियर्स (EME) की अधिकारी हैं। वर्तमान में वे यूनाइटेड नेशंस मिशन इन साउथ सूडान (UNIMSS) में भारतीय बटालियन की पहली महिला एंगेजमेंट टीम की कमांडर हैं। उनके नेतृत्व में टीम ने मलाकल क्षेत्र और आसपास के इलाकों में गश्त और हवाई जांच के जरिए हजारों महिलाओं के लिए सुरक्षा का माहौल बनाया।

लैंगिक समानता और शांति स्थापना में मेजर स्वाति का योगदान
मेजर स्वाति के नेतृत्व वाली टीम ने महिलाओं के बीच विश्वास और खुलापन बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई। पहले महिलाएं अपनी समस्याएं साझा करने में हिचकिचाती थीं, लेकिन टीम की लगातार मेहनत से महिलाएं अब सहज होकर अपनी बात रखती हैं। यह प्रोजेक्ट संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुसार लैंगिक समानता को बढ़ावा देने और शांति स्थापना में एक मिसाल माना जाता है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने मेजर स्वाति के इस प्रोजेक्ट की खुले दिल से प्रशंसा की और इसे भविष्य के पीस मिशनों के लिए प्रेरणा बताया।
भारत में वापसी और परिवार की प्रतिक्रिया
मेजर स्वाति करीब 15 महीने से दक्षिण सूडान में तैनात थीं और जल्द ही भारत लौटकर सिकंदराबाद में पोस्टिंग लेंगी। इस सम्मान से न केवल उनकी मेहनत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिली है बल्कि यह भारतीय महिला सैनिकों की भूमिका को भी मजबूती देता है। उनके पिता आर. शांता कुमार, जो पूर्व ITC कर्मचारी हैं, ने गर्व के साथ बताया कि परिवार में कोई भी पहले सेना में नहीं था, फिर भी स्वाति ने कड़ी मेहनत कर यह मुकाम हासिल किया। उनकी मां राजमणि, जो रिटायर्ड हेडमिस्ट्रेस हैं, ने भी बेटी की लगन और समर्पण की खूब तारीफ की। मेजर स्वाति का यह सफर देश के लिए प्रेरणा का स्रोत है।