बंगाल चुनाव नतीजों के बाद कोलकाता में हिंसा और बुलडोजर विवाद

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद राज्य के कई हिस्सों में तनाव और हिंसा की घटनाएं सामने आई हैं। सबसे गंभीर मामला कोलकाता के हॉग मार्केट इलाके से सामने आया, जहां मंगलवार रात करीब 9 बजे कुछ लोगों द्वारा बुलडोजर से एक इमारत को गिराने का आरोप लगाया गया। टीएमसी का दावा है कि उनके यूनियन पार्टी ऑफिस को निशाना बनाकर पूरी तरह से तहस-नहस कर दिया गया। इस घटना ने राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया है।
टीएमसी ने बीजेपी कार्यकर्ताओं पर लगाए गंभीर आरोप
टीएमसी ने आरोप लगाया है कि बीजेपी से जुड़े लोगों ने कोलकाता के हॉग मार्केट में कई दुकानों और पार्टी कार्यालयों को नुकसान पहुंचाया। टॉलीगंज इलाके में पूर्व टीएमसी विधायक अरूप बिस्वास के कार्यालय में भी तोड़फोड़ की गई। बेलियाघाटा में एक अन्य पार्टी कार्यालय पर हमला हुआ और एक कार्यकर्ता के साथ मारपीट की घटना भी सामने आई है। इसके अलावा अभिषेक बनर्जी के आम्तला स्थित कार्यालय पर भी भीड़ द्वारा हमला करने का दावा किया गया है।

चुनाव आयोग ने दिया जीरो टॉलरेंस का सख्त निर्देश
बढ़ती हिंसा की घटनाओं को देखते हुए चुनाव आयोग ने सख्त रुख अपनाया है। आयोग ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों को निर्देश दिया है कि पोस्ट-पोल हिंसा पर जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाए। यह निर्देश तब जारी किया गया जब नतीजों के बाद राज्य के विभिन्न हिस्सों से हिंसा और झड़पों की खबरें सामने आने लगीं। आयोग ने साफ किया है कि कानून व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है।
पुलिस की चेतावनी और सोशल मीडिया पर निगरानी तेज
कोलकाता पुलिस ने भी हालात को देखते हुए सख्ती बढ़ा दी है और सोशल मीडिया पर फैल रही भड़काऊ या फर्जी पोस्ट के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी है। पुलिस का कहना है कि शहर की स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन अफवाहें माहौल बिगाड़ सकती हैं। ऐसे में नागरिकों से अपील की गई है कि वे किसी भी भ्रामक वीडियो या तस्वीर को साझा न करें। फिलहाल प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है और अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं।