कोटक महिंद्रा-AU स्मॉल फाइनेंस बैंकों की शाखाओं पर लटके ताले
पुलिस ने नहीं खुलने दिए शटर, लेन-देन बाधित, फ्रॉड की जांच में सहयोग नहीं करने का आरोप

सत्य खबर हरियाणा
Bank Scam : हरियाणा में कोटक महिंद्रा बैंक और एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक में लगभग ₹160 करोड़ के गबन को लेकर सरकार ने एक्शन लिया है। सोमवार सुबह पंचकूला, पानीपत, सोनीपत, यमुनानगर और भिवानी में बैंकों की ब्रांच के बाहर पुलिस तैनात कर दी गई।
पंचकूला नगर निगम में करीब 160 करोड़ रुपये के गबन के मामले की आंच पानीपत तक पहुंच गई है। पानीपत स्थित कोटक महिंद्रा बैंक की तीनों शाखाओं पर पुलिस तैनात कर दी गई है। बैंक के किसी भी अधिकारी, कर्मचारी व उपभोक्ता को अंदर नहीं जाने दिया गया। ऐसे में बैंक कर्मियों के साथ लोगों की सांसें फूली रही। वहीं, नगर निगम अधिकारियों व कर्मचारियों की भी धड़कन तेज रही। कोटक महेंद्रा बैंक की पानीपत में जीटी रोड, सेक्टर-11 और मॉडल टाउन में तीन शाखाएं हैं। वरिष्ठ अधिकारियों के आदेश पर सोमवार सुबह बैंक खुलने से पहले ही तीनों शाखाओं पर पुलिस पहुंच गई। संबंधित थाने से पुलिस पहुंच गई। बैंक में सुबह नौ बजे ही कर्मियों ने आना शुरू कर दिया। बैंक न खुलने की स्थिति में वे बाहर खड़े हो गए। वहीं, कुछ देर बाद उपभोक्ता पहुंचे तो वे भी बाहर खड़े हो गए। बैंक कर्मी अंदर न जाने की स्थिति में दूसरी तरफ जाकर खड़े हो गए। उपभोक्ताओं ने पुलिस से बैंक न खुलने का कारण पूछा तो किसी को कुछ नहीं बताया गया।
स्टेट विजिलेंस और एंटी करप्शन ब्यूरो की जांच में करोड़ों रुपये के घोटाले उजागर होने के बाद कई बैंक खातों को फ्रीज किया गया है और संबंधित शाखाओं में पुलिस कार्रवाई तेज कर दी गई है। ‘पूरे राज्य में बैंकों पर ताला’ जैसी स्थिति बताई जा रही है।
ताजा जानकारी के अनुसार, पंचकूला और कुरुक्षेत्र समेत कई जगहों के एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक के बाहर पुलिस बल तैनात हैं। पंचकूला में इन बैंकों की ब्रांच का ताला बैंक कर्मचारियों को नहीं खोलना दिया गया। बैंक स्टाफ बैंकों के बाहर खड़े रहे। आरोप है कि हरियाणा पुलिस की जांच में दोनों ही बैंक के कर्मचारियों द्वारा सहयोग नहीं किया जा रहा था।
कोटक महिंद्रा बैंक में पंचकूला नगर निगम के फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में भारी गड़बड़ी सामने आई थी करीब ₹145-150 करोड़ के जमा धन में अनियमितता का मामला सामने आया। बैंक रिकॉर्ड और निगम के रिकॉर्ड में बड़ा अंतर पाया गया। एक खाते में ₹50 करोड़ की जगह सिर्फ ₹2.1 करोड़ दिखे। कई FD का रिकॉर्ड ही नहीं मिला। दो गुप्त/अनरिकॉर्डेड खाते भी सामने आए। एक रिलेशनशिप मैनेजर गिरफ्तार किया गया है। उस पर फर्जी FD दस्तावेज बनाने के आरोप है। जांच में यह भी सामने आया कि ₹60 करोड़ से ज्यादा रकम अलग-अलग खातों में ट्रांसफर की गई।
एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक में हरियाणा सरकार के खातों में संदिग्ध लेनदेन पाए गए। जांच में सामने आया कि सरकारी खाते से लगभग ₹47 करोड़ कई ट्रांजैक्शन के जरिए दूसरे खातों में भेजे गए। इस बैंक को सरकार ने अपने पैनल से हटा दिया है। बैंक ने गलत काम से इनकार किया, लेकिन आंतरिक जांच शुरू की गई। लगभग ₹47 करोड़ का घोटाला है।
क्या है पूरा मामला?
जांच एजेंसियों के अनुसार, यह पूरा मामला सरकारी योजनाओं और विभागों के खातों से जुड़ा है, जहां बैंक कर्मचारियों और बाहरी लोगों की मिलीभगत से फर्जी दस्तावेज और खातों का इस्तेमाल सरकारी पैसे को निजी खातों/कंपनियों में ट्रांसफर करने में किया गया।
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