Punjab News: फ्रिज में लगी आग से पति-पत्नी झुलसे, पड़ोसियों ने बचाकर अस्पताल पहुंचाया

Punjab News: पंजाब के लुधियाना से एक दर्दनाक खबर सामने आई है जहां एक घर में अचानक फ्रिज के कंपेसर में धमाका हो गया। यह हादसा 4 जनवरी को हुआ जिसमें पति-पत्नी गंभीर रूप से झुलस गए। यह घटना इलाके में सनसनी मचा गई है क्योंकि आमतौर पर इस तरह के हादसे गर्मी के मौसम में होते हैं, लेकिन ठंड के मौसम में ऐसा होना हैरानी की बात है।
धमाके के बाद तुरंत अस्पताल पहुंचे घायल
धमाके के बाद घर से आई चीख-पुकार सुनकर पड़ोसी तुरंत मौके पर पहुंचे और घायल दंपति को प्राथमिक उपचार देकर सिविल अस्पताल लेकर गए। महिला की हालत ज्यादा गंभीर होने की वजह से डॉक्टरों ने दोनों को पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया। महिला का चेहरा और सीना गंभीर रूप से झुलसा हुआ है। घायल पति-पत्नी की पहचान नीतू (32) और नीरज (32) के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, दोनों ऋषि नगर इलाके में रहते हैं। धमाका तब हुआ जब नीतू फ्रिज का दरवाजा खोल रही थीं और उसमें सामान डाल रही थीं। तभी कंपेसर फट गया। नीरज अपनी पत्नी को बचाने के प्रयास में घायल हो गए और उनका हाथ भी झुलस गया। पड़ोसियों ने दोनों को आग से बचाकर अस्पताल पहुंचाया, जहां वे अब भी इलाजाधीन हैं।
फरीदकोट में दो माह की लंबी लड़ाई के बाद महिला की मौत
पंजाब के फरीदकोट से भी कुछ दिनों पहले एक अत्यंत दुखद घटना सामने आई थी। वहां एक महिला भावना, जो दो महीने से गुरु गोबिंद सिंह अस्पताल में इलाज करा रही थीं, रात को अपनी जान गंवा बैठीं। भावना सuneet गांव की रहने वाली थीं। दो महीने पहले सर्दी से बचने के लिए घर के बाहर आग के पास बैठकर अपने हाथ गर्म कर रही थीं, तभी उनके कपड़े अचानक आग पकड़ गए। इसके चलते उनकी हालत गंभीर हो गई और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। बावजूद लंबी चिकित्सा के, उनका इलाज सफल नहीं हो सका।

भावना की मौत के बाद परिवार पर गहरा सदमा
भावना के दो बच्चे—एक बेटा और एक बेटी—हैं। उनकी मां और बहन अब उनके बच्चों की देखभाल करेंगी। बताया जा रहा है कि भावना का पति लापता है और वह अपनी मां और बहन के साथ रहती थीं। परिवार के लिए यह बहुत बड़ी चुनौती है क्योंकि अब दो छोटे बच्चों की जिम्मेदारी उनके परिवार पर आ गई है। यह घटना पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ा गई है।
कैसे लगी आग: हादसे का कारण
नवंबर के महीने में सर्दी से बचने के लिए भावना आग के पास बैठी थीं, तभी उनके कपड़ों में आग लग गई। उन्हें तुरंत गंभीर हालत में सिविल अस्पताल ले जाया गया और फिर फरीदकोट के गुरु गोबिंद सिंह अस्पताल में ट्रांसफर किया गया। वहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। यह हादसा हमें आग से बचाव के प्रति सतर्क रहने की सीख देता है, खासकर सर्दियों में जब लोग आग के पास बैठकर खुद को गर्म रखते हैं।