फतेहाबाद जिले के गांव में समगोत्र सम गांव में शादी हुई बैन उल्लंघन करने पर छोड़ना होगा गांव
फतेहाबाद जिले के गांव में समगोत्र सम गांव में शादी हुई बैन उल्लंघन करने पर छोड़ना होगा गांव

हरियाणा की खाप पंचायतें समगौत्र सम गांव में शादी का विरोध शुरू से करती रही हैं, लेकिन इसके बावजूद कानून का सहारा लेकर अनेक गांवों में अनेक बच्चों ने एक ही गांव और गोत्र में शादी करने का काम किया है। पिछले दिनों हरियाणा विधानसभा में रेवाड़ी के विधायक लक्ष्मण यादव ने इस मामले को उठाया था। हालांकि हरियाणा सरकार ने इस बात के अभी कोई संकेत नहीं दिए हैं कि वह इस मामले में उत्तराखंड की तर्ज पर कोई कानून लेकर आएगी लेकिन सरकार कानून लाए या न लाए फतेहाबाद जिले के गांव ब्राह्मणवाला में हुई पंचायत में पंचों ने अहम फैसला सुनाया है। पंचायत में निर्णय लिया गया है कि सामाजिक बुराई से गांव को बचाने के लिए लोगों को आगे आना होगा। पंचायत ने निर्णय लिया कि भविष्य में अगर गांव का कोई भी युवक गांव की ही युवती या बहू से शादी करेगा तो उसे गांव में नहीं रहने दिया जाएगा। पंचायत के फैसले के विरुद्ध वह फिर भी गांव में रहता है तो किसी भी अनहोनी के लिए वह स्वयं जिम्मेदार होगा।
गांव के सरपंच प्रतिनिधि जीवन सिंह ने बताया कि समाज का नैतिक पतन हो रहा है। इसी को देखते हुए पंचायत कर सामूहिक रूप से यह निर्णय लिया है कि गांव की मर्यादा बनी रहे। गांव में हुई इस पंचायत में गांव के बड़ी संख्या में बुजुर्ग और महिलाएं तथा युवा मौजूद थे। गांव की पंचायत में यह फैसला सर्वसम्मति से किया है और इस पर गांव के सभी लोग एकमत भी हैं।
पंचायत में ग्रामीणों ने कहा कि अक्सर देखा जा रहा है कि गांव के युवक गांव की ही बहू-बेटियों के साथ प्रेम प्रसंग व अन्य कारणों के साथ गुपचुप शादी कर रहे हैं, जिससे समाज में गलत विचारधारा पनप रही है। इसी के मद्देनजर ग्रामीणों ने निर्णय लिया कि गांव का कोई भी युवक गांव की बहू-बेटी से शादी नहीं करेगा और ऐसा करने वाले व्यक्ति को अपनी पत्नी सहित गांव से बाहर रहना होगा।
पंचायत ने यह भी फैसला किया है कि पंचायत के फैसले के विरुद्ध प्रेमी जोड़ों का सहयोग करने वालों को भी नहीं बख्शा जाएगा। पंचायत में ग्रामीण जगतार सिंह, जग्गा सिंह, गुरतेज पाल सिंह, रेशम सिंह, हेमराज आदि मौजूद रहे।