विदेशी संपत्ति विवाद में फंसे पवन खेड़ा कोर्ट से झटका गिरफ्तारी की आशंका

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को बड़ा कानूनी झटका लगा है, जब गुवाहाटी हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। यह मामला असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिंकी भुयान सरमा पर लगाए गए आरोपों से जुड़ा है। अदालत के इस फैसले के बाद अब खेड़ा की गिरफ्तारी की आशंका बढ़ गई है। यह घटनाक्रम असम की राजनीति में हलचल तेज कर रहा है और विपक्ष तथा सत्तापक्ष के बीच टकराव और बढ़ सकता है।
विवाद की जड़ बने गंभीर आरोप, विदेशी संपत्तियों और पासपोर्ट का मुद्दा
पवन खेड़ा ने हाल ही में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री की पत्नी पर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने दावा किया था कि रिंकी भुयान सरमा के पास कई विदेशी पासपोर्ट हैं और विदेशों में अघोषित संपत्तियां मौजूद हैं। खेड़ा ने यूएई, मिस्र और एंटीगुआ-बारबुडा के पासपोर्ट और दुबई में संपत्तियों का भी जिक्र किया था। इन आरोपों ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया और मामला कानूनी विवाद में बदल गया।

क्राइम ब्रांच में मामला दर्ज, गंभीर धाराओं में जांच जारी
इन आरोपों के बाद रिंकी भुयान सरमा ने गुवाहाटी क्राइम ब्रांच पुलिस स्टेशन में पवन खेड़ा और अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया। इसमें धोखाधड़ी, मानहानि, दस्तावेजों की जालसाजी और जानबूझकर अपमान करने जैसी गंभीर धाराएं शामिल की गईं। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रखा था, जिसे अब सुनाते हुए जमानत याचिका खारिज कर दी गई है। इस फैसले से मामले ने और गंभीर मोड़ ले लिया है।
सुप्रीम कोर्ट में भी मामला, आगे की कानूनी लड़ाई पर नजर
इस पूरे मामले में सुप्रीम कोर्ट भी पहले ही दखल दे चुका है। कोर्ट ने पवन खेड़ा को दी गई ट्रांजिट बेल पर रोक लगाते हुए उनसे तीन हफ्तों के भीतर जवाब मांगा था। यह नोटिस असम सरकार की याचिका पर जारी किया गया था। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया था कि खेड़ा असम में अग्रिम जमानत के लिए आवेदन कर सकते हैं, जिसके तहत उन्होंने हाई कोर्ट का रुख किया था। अब हाई कोर्ट से राहत न मिलने के बाद उनकी कानूनी मुश्किलें और बढ़ गई हैं और आगे की कार्रवाई पर सबकी नजर टिकी हुई है।