कुबोटा और डाइकिन हरियाणा में 3000 करोड़ का बड़ा निवेश करेंगे, नायब सैनी की मौजूदगी में MoU पर हस्ताक्षर

हरियाणा में औद्योगिक और तकनीकी विकास को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल करते हुए, जापान की दो दिग्गज कंपनियों – कुबोटा और डाइकिन ने कुल 3000 करोड़ के निवेश की घोषणा की है। यहां बता दें कि हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल जापान के दौरे पर है।
मुख्यमंत्री की इस रणनीतिक यात्रा के दौरान जहां कुबोटा कंपनी ने कृषि उपकरण निर्माण के लिए 2000 करोड़ के निवेश का ऐलान किया। वहीं डाइकिन इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने 1000 करोड़ की लागत से एक अत्याधुनिक रिसर्च एंड डेवलपमेंट (आर एंड डी) सेंटर स्थापित करने के लिए हरियाणा सरकार के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए।

मुख्यमंत्री नायब सैनी के नेतृत्व में जापान दौरे पर गए राज्य के उच्च स्तरीय प्रतिनिधि मंडल ने बुधवार को ओसाका स्थित कुबोटा ट्रैक्टर प्लांट का दौरा किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की और हरियाणा में कृषि उपकरण निर्माण क्षेत्र में संभावित निवेश और तकनीकी सहयोग के अवसरों पर विस्तार से चर्चा की।
बैठक के दौरान कुबोटा कंपनी ने एस्कोर्ट के साथ मिलकर हरियाणा में 2000 करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की। कुबोटा का यह निवेश हरियाणा के औद्योगिक और कृषि दोनों क्षेत्रों के लिए एक बड़ा कदम साबित होगा। इससे न केवल आधुनिक कृषि तकनीक को राज्य में आएगी बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अनेक अवसर भी सृजित करेगी।
प्रतिनिधिमंडल में हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह, मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण कुमार गुप्ता, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ अमित अग्रवाल, एचएसआईआईडीसी के प्रबंध निदेशक डॉ. यश गर्ग और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने कुबोटा कंपनी की अत्याधुनिक निर्माण तकनीकों और नवाचार आधारित उत्पादन प्रणाली की सराहना करते हुए कहा कि हरियाणा कृषि प्रधान राज्य है, इसलिए हरियाणा कृषि उपकरण निर्माण का एक बड़ा केंद्र बन सकता है। उन्होंने कंपनी को हरियाणा में निवेश करने और स्थानीय स्तर पर मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित करने के लिए आमंत्रित किया। कुबोटा के अधिकारियों ने हरियाणा में निवेश करने को लेकर गहरी रुचि दिखाई।
प्रतिनिधिमंडल ने हरियाणा सरकार की उद्योग-अनुकूल नीतियों के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि राज्य सरकार निवेशकों को आकर्षित करने के लिए एक सशक्त औद्योगिक वातावरण तैयार कर रही है। उन्होंने कहा कि हरियाणा में उद्योग स्थापित करने के लिए सरल और पारदर्शी प्रक्रियाएं अपनाई गई हैं, जिससे निवेशकों को शीघ्र अनुमतियां मिल सकें।
राज्य सरकार ने “ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस” को बढ़ावा देने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम लागू किया है, जिससे सभी आवश्यक स्वीकृतियां एक ही प्लेटफ़ॉर्म पर उपलब्ध हो जाती हैं। हरियाणा में विकसित औद्योगिक क्लस्टर, उत्कृष्ट परिवहन नेटवर्क, कुशल मानव संसाधन और विद्युत आपूर्ति जैसी सुविधाएँ निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करती हैं।