Navratri Special: 65 साल पुराने मंदिर में 6500 साल पुरानी श्रद्धा! मुस्लिम महिला ने करवाई महारानी वैष्णो देवी की मूर्ति स्थापित

Navratri Special: इस नवरात्रि हम हरियाणा में स्थित विभिन्न प्राचीन सिद्ध पीठ और शक्तिपीठों की चर्चा कर रहे हैं। महाभारत कालीन या उससे भी पुराने मंदिरों के प्रति लोगों की आस्था एक बात है लेकिन आज महा-अष्टमी के पर्व पर हम एक ऐसे मंदिर की चर्चा करने वाले हैं जो देश की आजादी के बाद आज से करीब 65 साल पहले बना। आज यह मंदिर न केवल फरीदाबाद और उसके आसपास के इलाके के लोगों के लिए श्रद्धा और आस्था का केंद्र है बल्कि मंदिर में विदेशों से भी लोग आकर माता के दर्शन करते हैं।
24 घंटे खुले रहने वाले इस मंदिर की स्थापना एक चमत्कार के बाद भी और चमत्कार भी ऐसा कि एक मुस्लिम महिला ने मंदिर में आज से करीब 47 साल पहले महारानी वैष्णो देवी की मूर्ति स्थापित करवाई।
चमत्कारी घटना
यह मंदिर करीब 65 साल पुराना है। मंदिर की स्थापना एक चमत्कारिक घटना के बाद हुई। उस समय वर्तमान में मंदिर के पास ही एक कुआं था और उसमें एक बच्चा गिर गया। तब यह इलाका न तो विकसित था और न ही यहां पर कुछ अन्य व्यवस्थाएं थी। करीब 7 से 8 घंटे बाद जब वह बच्चा निकाला गया तो बच्चा पूरी तरह से सुरक्षित था। बच्चे ने बताया कि उसे लाल कपड़े में माता ने बचाया। इस घटना के बाद बुजुर्गों ने यहां महारानी की तस्वीर रखकर मंदिर बनाने का निर्णय लिया। मंदिर परिसर में एक पेड़ भी है जो पीपल और बरगद के मिश्रण जैसा है इसकी जड़ और तना एक ही हैं। कहते हैं जो भी भक्त इस पेड़ पर चुन्नी बांधते हैं उनकी मन्नतें पूरी होती हैं।
मुस्लिम महिला ने करवाई महारानी वैष्णो देवी की मूर्ति की स्थापना
तिकोना पार्क वाले इस मंदिर में महारानी की मूर्ति स्थापित है। इस मूर्ति को करीब 47 साल पहले एक मुस्लिम महिला ने स्थापित कराया था। वह उस समय किसी बड़ी कंपनी की सीईओ थीं। पिछले साल महाकाली, लक्ष्मी और सरस्वती की मूर्तियों की स्थापना भी की गई। मंदिर में भोलेनाथ और श्री राम दरबार भी हैं। महारानी वैष्णो देवी का नाम सुनते ही भक्तों का मन कृतज्ञता और श्रद्धा से भर जाता है। यह मंदिर खास इसलिए भी है कि कटरा जाकर माता वैष्णो देवी के दर्शन न कर पाने वाले श्रद्धालु यहां आकर अपनी मनोकामनाओं को पूरा कर सकते हैं।

65 साल पुराने मंदिर में 6500 साल पुरानी जैसी श्रद्धा
भले ही मंदिर केवल 65 साल पहले बना हो लेकिन इसके प्रति लोगों की श्रद्धा 6500 साल पुराने मंदिर जितनी है। यह मंदिर फरीदाबाद के सबसे पुराने और प्रसिद्ध देवी मंदिरों में से एक है। श्री महारानी वैष्णो देवी मंदिर नवरात्रि के मौके पर भक्तों की भारी भीड़ से गुलजार रहा। जैसे ही नवरात्रि शुरू हुई लोग मां के नौ रूपों के दर्शन के लिए सुबह से लेकर रात तक मंदिर के दरबार में जुटने लगे। यह मंदिर फरीदाबाद के एनआईटी-1 तिकोना पार्क में स्थित है और इसकी खासियत यह है कि मां का दरबार 24 घंटे भक्तों के लिए खुला रहता है।
दो-दो घंटे लग जाते हैं दर्शन के लिए
न केवल दिल्ली एनसीआर बल्कि देश के अलग-अलग राज्यों से भक्त यहां दर्शन करने आते हैं साथ ही अमेरिका, जर्मनी जैसे देशों से भी श्रद्धालु अपने मनोकामनाओं के साथ आते हैं। मंदिर के प्रधान सेवक जगदीश भाटिया ने बताया कि नवरात्रि के दिनों में मंदिर में सुबह 4:30 बजे से ही भक्तों का आना शुरू हो जाता है। सुबह 5 बजे आरती होती है इसके बाद लगातार चौकियां और जागरण चलते हैं। परिक्रमा भी लगाई जाती है और रातभर मंदिर का माहौल भक्तिमय बना रहता है। करवा चौथ के दिन जो भी श्रद्धालु प्रसाद या चुन्नी चढ़ाते हैं महारानी जी उन्हें उपहार के रूप में जरूर कुछ न कुछ लौटाती हैं। मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ इतनी होती है कि कई बार दो-दो घंटे इंतजार करना पड़ता है।
विदेश से भी आते हैं श्रद्धालु
यह मंदिर दिल्ली एनसीआर के अलावा देश और विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र बना हुआ है। अमेरिका से हाल ही में कुछ श्रद्धालु आए थे और जर्मनी से भी दर्शन करने वाला एक युवा कल ही पहुंचा। महाराष्ट्र से 80 साल के एक सरदार जी भी हर साल यहां आते हैं। पहले मंदिर छोटा था लेकिन अब महारानी की कृपा से यह धीरे-धीरे बढ़ता जा रहा है। नवरात्रि में सुबह 9 बजे से रात 10 बजे तक चौकिया और जागरण चलते हैं और भक्त माता के दरबार में अपनी श्रद्धा अर्पित करते हैं।