हरियाणा

New DGP अजय सिंघल में संभाला कार्यभार बोले, अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा

Satyakhabarindia

New DGP: पंचकूला में हरियाणा के नवनियुक्त पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने अपना कार्यभार संभाल लिया है। पंचकूला के सेक्टर- 6 में मौजूद हरियाणा पुलिस मुख्यालय में नवनियुक्त पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने सलामी ली। अजय सिंघल ने कहा कि अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा। कानून व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाएगा।

इस अवसर पर डीजीपी ने कहा कि वे पुलिस वेलफेयर के लिए काम करेंगे। वे कोशिश करेंगे कि आगे से किसी पुलिस कर्मी की बेटी की शादी है तो उसको वेलफेयर से पांच लाख रुपये दिए जाएं। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों के मेंटल हेल्थ के लिए कोशिश की जा रही है कि सप्ताह में एक छुट्टी दी जाए।

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भ्रष्टाचार के मामले में डीजीपी ने कहा कि वे सुनिश्चित करेंगे कि ऐसे भ्रष्टाचारी विभाग में ना रहें। जो भी ऐसे मामले में पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सिंघल ने कहा कि रोडसेफ्टी, महिला सुरक्षा पर विशेष फोकस होगा। हरियाणा में ऑपरेशन हॉटस्पॉट जारी रहेगा। विपक्ष के आपराधिक गतिविधियां बढ़ने के बयान पर डीजीपी ने कहा कि अगर ऐसी कोई दिक्कत होती तो हरियाणा की जीडीपी कैसे बढ़ती और हरियाणा के लोग इतने खुशहाल कैसे होते। उन्होंने कहा कि जो आतंक फैला रहा वो आतंकवादी है, मगर ये कानून के तहत धाराओं में तब्दील नहीं किया जा सकता है। उन्होंने रोहिंग्या शरणार्थियों को बड़ी चुनौती बताया कि इस पर काम जारी है, पुलिस अलर्ट मोड़ पर है।

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DGP ने CM का जताया आभार

DGP अजय सिंघल ने कहा कि मैं हमारे मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का बहुत आभारी हूं, जिन्होंने मुझे यह जिम्मेदारी सौंपी, और मैं उनके निर्देशों और हरियाणा के लोगों की उम्मीदों पर खरा उतरने की पूरी कोशिश करूंगा… हरियाणा पुलिस ने जब भी चुनौतियों का सामना किया है, तो उनका डटकर मुकाबला किया है, और हम हर क्षेत्र में सफल रहे हैं। चाहे वह आतंकवाद से लड़ना हो, अपराध को कंट्रोल करना हो, या कानून-व्यवस्था बनाए रखना हो, हमें कई प्लेटफॉर्म पर सराहा गया है।

दो वर्ष रहेगा कार्यकाल

नए डीजीपी का कार्यकाल दो वर्ष का रहेगा। सुप्रीम कोर्ट ने प्रकाश सिंह व अन्य बनाम भारत सरकार केस में डीजीपी की नियुक्ति को लेकर स्पष्ट निर्देश दिए हुए हैं। इससे पहले राज्य सरकारें अपनी पसंद से डीजीपी नियुक्त कर लिया करती थी। पंजाब में डीजीपी की नियुक्ति को लेकर विवाद भी हो चुका है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद ही राज्य सरकारों की ओर से डीजीपी के लिए वरिष्ठ अधिकारियों के नाम का पैनल बनाकर यूपीएससी को भेजा जाता है। सुप्रीम कोर्ट ने ही डीजीपी का कार्यकाल दो वर्ष तय किया हुआ है।

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