शीतकालीन सत्र में अरावली- प्रदूषण पर चुप्पी, अविश्वास प्रस्ताव बना राजनीतिक ड्रामा: अनुराग ढांडा

Satyakhabarindia

चंडीगढ़, 22 दिसंबर 2025
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने सोमवार को बयान जारी कर कहा कि हरियाणा विधानसभा के शीतकालीन सत्र के अंतिम दिन जब सदन में पर्यावरण, प्रदूषण और अरावली पर्वतमाला के संरक्षण जैसे गंभीर मुद्दों पर ठोस चर्चा होनी चाहिए थी, तब बीजेपी सरकार पूरी तरह खामोश रही। उन्होंने कहा कि अरावली के विनाश पर सरकार की चुप्पी यह साबित करती है कि पर्यावरण बीजेपी की प्राथमिकता में ही नहीं है।

अनुराग ढांडा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा अरावली की नई परिभाषा स्वीकार किए जाने के बाद स्थिति और भी चिंताजनक हो गई है, क्योंकि अब केवल 100 मीटर से ऊंची पहाड़ियां ही अरावली मानी जाएंगी। इससे अरावली का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा संरक्षण के दायरे से बाहर हो जाएगा और अवैध खनन, रीयल एस्टेट गतिविधियों तथा जंगलों की कटाई को खुली छूट मिल जाएगी। हरियाणा में 1992 की अरावली नोटिफिकेशन के तहत विशेष संरक्षण प्राप्त Section Identified Region क्षेत्रों में भी खुलेआम अवैध माइनिंग और वेस्ट डंपिंग जारी है, लेकिन बीजेपी सरकार कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रही।

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उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार माइनिंग माफिया और रीयल एस्टेट लॉबी की गोद में बैठी हुई है। अरावली केवल पहाड़ों की श्रृंखला नहीं, बल्कि हरियाणा और दिल्ली-एनसीआर की लाइफलाइन है, जो थार रेगिस्तान को रोकती है, ग्राउंडवाटर रिचार्ज करती है और प्रदूषण से लड़ने में प्राकृतिक ढाल का काम करती है। महेंद्रगढ़, गुरुग्राम और फरीदाबाद जैसे जिलों में सेंसेटिव क्षेत्रों में अवैध खनन के कारण ग्राउंडवाटर लेवल 1500 से 2000 फीट तक गिर चुका है। 2025 में बंधवारी में 80 एकड़ जंगल का आग में जल जाना और ताउरु में 32 हजार टन अवैध वेस्ट डंप होना सरकार की लापरवाही का सीधा प्रमाण है, जबकि SIT बनाने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

अनुराग ढांडा ने कहा कि सत्र के दौरान प्रदूषण पर औपचारिक चर्चा तो हुई, लेकिन अरावली के विनाश जैसे मूल कारण पर बीजेपी सरकार ने चुप्पी साध ली। वहीं दूसरी ओर कांग्रेस द्वारा लाया गया अविश्वास प्रस्ताव भी पूरी तरह से राजनीतिक ड्रामा साबित हुआ। उन्होंने कहा कि कांग्रेस गंभीर मुद्दों पर सरकार को घेरने में विफल रही और अविश्वास प्रस्ताव के नाम पर केवल हंगामा किया गया। यह प्रस्ताव न तो बीजेपी को जवाबदेह बना सका और न ही जनता के मुद्दों को मजबूती से उठा सका।

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उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार वास्तविक मुद्दों- प्रदूषण, जल संकट, बेरोजगारी और किसान संकट से भाग रही है और कांग्रेस भी इन मुद्दों पर प्रभावी विपक्ष की भूमिका निभाने में असफल रही है। आम आदमी पार्टी मांग करती है कि अरावली क्षेत्रों में तत्काल अवैध खनन रोका जाए, SIR क्षेत्रों में चल रहे गैरकानूनी प्रोजेक्ट्स पर सख्त कार्रवाई हो और अरावली पर्वतमाला को इको-सेंसिटिव जोन घोषित किया जाए, ताकि हरियाणा और आने वाली पीढ़ियों का भविष्य सुरक्षित रह सके।

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