सोनीपत पुलिस के ‘चक्रव्यूह’ में फंसा चाचा और दोस्त की हत्या का आरोपी
भिगान टोल को किया बंद, वाहनों की लगी लाइन, आरोपी की गाड़ी फंसी और पुलिस ने दबोच लिया

सत्य खबर हरियाणा
Crime news and investigation : डेराबस्सी में अपने चाचा और पानीपत में दोस्त की हत्या कर भाग रहे एक खूंखार आरोपी को सोनीपत पुलिस ने देर रात एक नाटकीय घटनाक्रम में गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान मॉडल टाउन, पानीपत निवासी साहिल मलिक के रूप में हुई है। स्पेशल एंटी गैंगस्टर यूनिट (सोनीपत) और मुरथल थाना पुलिस ने भिगान टोल प्लाजा पर एक विशेष रणनीति के तहत नाकाबंदी कर आरोपी को दबोचने में सफलता हासिल की।

जीपीएस लोकेशन और पुलिस का ‘चक्रव्यूह’
इस दोहरे हत्याकांड को अंजाम देने के बाद आरोपी कार से फरार होने की फिराक में था। इसी बीच डेराबस्सी पुलिस ने कार के जीपीएस लोकेशन को ट्रेस कर लिया और तुरंत सोनीपत के पुलिस कमिश्नर को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही सोनीपत की स्पेशल एंटी गैंगस्टर यूनिट और मुरथल थाना पुलिस सक्रिय हो गई। पुलिस ने आरोपी को पकड़ने के लिए एक खास रणनीति बनाई।
देर रात भिगान टोल प्लाजा को जानबूझकर कुछ समय के लिए बंद कर दिया गया, जिससे वहां वाहनों की लंबी कतार लग गई। इसी ट्रैफिक जाम और वाहनों की भीड़ में आरोपी की कार भी फंस गई, जिसके बाद पुलिस ने घेराबंदी कर उसे धर दबोचा।
पानीपत सीआईए को सौंपा गया आरोपी
देर रात करीब सवा 11 बजे आरोपी साहिल मलिक को गिरफ्तार करने के बाद सोनीपत पुलिस ने उसे आगे की कानूनी कार्रवाई और सघन पूछताछ के लिए पानीपत की सीआईए पुलिस को सौंप दिया है।
आरोपी साहिल मलिक ने बुधवार शाम मोहाली के डेराबस्सी स्थित गांव घोलूमाजरा की सिक्योरिटी एन्क्लेव में अपने चाचा राहुल मलिक की हत्या कर दी। वारदात के बाद वह अपने चाचा के शव को कार में डालकर पानीपत ले आया। पानीपत पहुंचने के बाद उसने सेक्टर 13-17 चौक पर अपने दोस्त अंकुश को कॉल करके बुलाया और उसे भी गोली मार दी। शुरुआती जांच में यह बात सामने आ रही है कि आरोपी ने अपने चाचा और दोस्त, दोनों के शवों को पानीपत के सिवाह के पास नहर में फेंक दिया।
पानीपत पुलिस को दी शिकायत
पुलिस को दी गई शिकायत में हरि नगर निवासी सुरजीत ने बताया कि वह समालखा अनाज मंडी की दुकान नंबर 8 में मुनीम का काम करता है। उसका भतीजा अंकुश अग्रवाल सीमेंट स्टोर पर कार्यरत था। 17 जून की शाम करीब 8 बजे दोनों अपना काम खत्म करके अपनी मोटरसाइकिल पर सवार होकर वापस अपने घर लौट रहे थे। घर लौटते समय वे सेक्टर 13-17 स्थित राधा स्वामी सत्संग भवन के पास कुछ देर के लिए रुके थे। इसी दौरान भतीजे अंकुश के मोबाइल पर एक कॉल आई। अंकुश ने अपने चाचा सुरजीत से कहा कि उसके पास साहिल का फोन आया है और वह उससे मिलकर अभी थोड़ी देर में वापस आता है। चाचा काफी देर तक वहीं खड़े होकर भतीजे का इंतजार करता रहा, लेकिन अंकुश वापस नहीं लौटा। जब काफी समय बीत गया तो सुरजीत ने अपने भाई (अंकुश के पिता) रामजुआरी को फोन कर इस बात की जानकारी दी। रामजुआरी ने जब अंकुश के नंबर पर संपर्क साधा, तो फोन उठाने वाले व्यक्ति ने उन्हें सिवाह नहर के रास्ते पर गांव बुडशाम से पहले पहुंचने को कहा। सूचना मिलते ही सुरजीत और उसका भाई रामजुआरी बताए गए पते यानी बुढ़शाम नहर के रास्ते पर पहुंचे, तो वहां का नजारा देख उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। नहर के बीच रास्ते पर अंकुश और एक अन्य अज्ञात व्यक्ति के शव खून से लथपथ हालत में पड़े हुए थे। दोनों की बेरहमी से हत्या की जा चुकी थी।
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