भूपेंद्र सिंह हुड्डा बोले, मोदी सरकार की नीयत में खोट, नीयत साफ होती तो 2024 में मिल गया होता महिला आरक्षण
कहा, महिला आरक्षण बिल नहीं गिरा, परिसीमन का बिल गिरा, सरकार अपने राजनीतिक लाभ के हिसाब से बनाना चाहती थी एजेंडा

सत्य खबर हरियाणा
Bhupender Singh Hooda : पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा का कहना है कि भाजपा सरकार का मकसद जनता को सिर्फ मुद्दों से भटकाना है। वह किसानों, युवाओं तथा महिलाओं के मुद्दों पर जनता को गुमराह कर रही है। हुड्डा ने कहा कि महिला आरक्षण बिल 2023 में ही पास हो चुका था। लोकसभा में 20 सितंबर 2023 को 454 वोटों से पास हुआ था। भाजपा अगर इतनी महिला हितैषी होती तो 2023 में ही इसे लागू कर देती लेकिन उन्होंने डिलिमिटेशन को जोड़कर बिल को उलझाने की कोशिश की। हाल ही में जो संशोधन बिल गिरा है, वह महिला आरक्षण बिल नहीं है, वह केवल परिसीमन संबंधी संशोधन था, जिसमें सरकार देश के इलेक्टोरल मैप को अपने हिसाब से बदलना चाहती थी। 2029 के लोकसभा चुनाव की जमीन खिसकती दिख रही है, इसलिए भाजपा ऐसे प्रयास कर रही है। महिला आरक्षण और परिसीमन को लेकर देशभर में राजनीतिक बहस तेज है और विपक्ष लगातार सरकार की मंशा पर सवाल उठा रहा है। प्रेस वार्ता में विधायक बीबी बतरा पूर्व मंत्री आनंद सिंह दांगी, सुभाष बत्रा, संत कुमार, चक्रवर्ती शर्मा, शहरी प्रधान कुलदीप केडी और बलवान रंगा भी मौजूद रहे।

उन्होंने कांग्रेस विधायकों के सस्पेंशन पर प्रतिक्रिया देते हुए हुड्डा ने कहा कि पांचों विधायक इस्तीफा दें और जनता के बीच जाएं, जनता खुद फैसला करेगी। उन्होंने पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के मामले में हुड्डा ने कहा कि यदि कोई गलती है तो सरकार को संज्ञान लेना चाहिए। उन्होंने जेजेपी और इनेलो को भाजपा की “बी टीम” बताते हुए इसे राजनीतिक साजिश करार दिया।
उन्होंने कहा कि प्रदेश की मंडियों में किसानों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मंडियों में अनाज रखने तक की जगह नहीं है, क्योंकि लिफ्टिंग हो नहीं रही। यहां तक कि सरकार द्वारा वारदाना तक उपलब्ध नहीं करवाया जा रहा। अब तक 20 प्रतिशत लिफ्टिंग भी नहीं हुई और किसानों को भुगतान में 8-10 दिन की देरी हो रही है। किसान सरकार से दुखी होकर छोटी मंडियों जैसे बेरी, दुबल्धन, महम, सांघी, कलाई आदि में ताले लगाने लगे हैं। छोटी मंडियों की तो बद से बदतर हो गई है। हुड्डा ने कहा कि कांग्रेस सरकार के दौरान कभी मंडियों में ऐसी शिकायत नहीं हुई। अब कभी नमी का, कभी डिस्कलर का, कभी रेजिस्ट्रेशन का बहाना बनाया जा रहा है, ताकि एमएसपी ना देनी पड़े लेकिन किसानों की क्षतिपूर्ति और मुआवजे की बात तक नहीं कर रही।
कुछ दिन पहले हुई बेमौसमी बारिश के समय कृषि मंत्री ने हास्यास्पद बात बोलते हुए कहा था कि बारिश से किसानों को फायदा हो रहा है। जिम्मेदार पद पर बैठे व्यक्ति को ऐसी गैर जिम्मेदाराना बात नहीं कहनी चाहिए। भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने बताया कि उन्होंने खुद हरियाणा की मंडियों का दौरा किया, किसानों से बात की और कोई भी किसान सरकार की वर्तमान नीतियों से फायदा होने की बात नहीं कर रहा।
एचकेआरएन कर्मचारियों पर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि 2014 में हमने अस्थाई कर्मचारियों को स्थाई बनाने का प्रस्ताव पास किया था। लेकिन भाजपा सरकार ने इसे 12 साल तक उलझाए रखा। अब सुप्रीम कोर्ट ने भी हमारी नीति के पक्ष में फैसला दिया है। शुरू से कह रहे थे कि कांग्रेस की नीति अपनाकर कर्मचारियों को लाभ दो, लेकिन बीजेपी ने कर्मचारी विरोधी रवैया अपना रखा। जहां कांग्रेस ने हजारों कच्चे कर्मियों को पक्का करके उनके परिवारों को समृद्ध किया।
वहीं, बीजेपी सरकार तो खुद के लगाए एचकेआरएन कर्मचारियों को भी लगातार निकालने में लगी है। भर्तियां निकाली नहीं जा रही और अगर निकलती हैं तो बड़ी नौकरियों में 90 प्रतिशत परीक्षाएं बाहर के लोगों को दी जा रही हैं। अन्य सवालों के जवाब में हुड्डा ने कहा कि जेजेपी और इनेलो भाजपा की बी टीम हैं। हुड्डा ने पार्टी अनुशासन पर दिशा निर्देश देते हुए कहा कि सभी कार्यकर्ताओं को पार्टी अनुशासन में रहना चाहिए। क्रॉस वोटिंग करने वालों पर कार्रवाई हुई। क्योंकि उन्होंने सिर्फ पार्टी को नहीं, बल्कि उन लोगों को भी धोखा दिया, जिन्होंने उन्हें विधायक चुना था। ऐसे लोगों को इस्तीफा देकर चुनाव लड़ना चाहिए।
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