Budget 2026 पर उद्योग जगत का भरोसा, व्यापारिक संगठनों ने बताया विकसित भारत की मजबूत नींव

Budget 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पेश किए गए केंद्रीय बजट को लेकर देशभर के व्यापारिक संगठनों और उद्योग जगत से सकारात्मक प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स यानी कैट समेत कई संगठनों ने इस बजट को विकसित भारत 2047 की दिशा में एक मजबूत और दूरदर्शी कदम बताया है। सांसद और कैट के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किया गया यह बजट मूल रूप से भारत के युवाओं का बजट है। उन्होंने इसे इंक्लूसिव और कन्क्लूसिव बताते हुए कहा कि इसमें अर्थव्यवस्था के लगभग हर अहम क्षेत्र को छुआ गया है। युवाओं रोजगार व्यापार किसानों और महिलाओं को केंद्र में रखकर तैयार किया गया यह बजट आने वाले वर्षों में देश को नई दिशा देगा।
एमएसएमई इंफ्रास्ट्रक्चर और व्यापार सुगमता पर जोर
प्रवीण खंडेलवाल के अनुसार बजट में एमएसएमई चैंपियन की अवधारणा व्यापार और उद्योग के लिए बेहद अहम साबित होगी। लॉजिस्टिक्स लागत कम करने के लिए जलमार्गों के अधिकतम उपयोग और रेलवे कॉरिडोर के विस्तार से व्यापार सुगमता और प्रतिस्पर्धा दोनों को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस से न केवल कारोबार आसान होगा बल्कि देश के दूरदराज इलाकों को भी आर्थिक विकास से जोड़ा जा सकेगा। एमएसएमई ग्रोथ फंड के लिए 10000 करोड़ रुपये का प्रावधान छोटे व्यापारियों और उद्योगों के लिए बड़ी राहत है। इससे नए उद्यम खड़े होंगे और रोजगार के अवसर तेजी से बढ़ेंगे।

महिला उद्यमिता युवा क्रिएटर्स और किसानों को नई ताकत
बजट में महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए SHE स्कीम को अहम कदम बताया गया है। इसके जरिए महिलाओं को स्वरोजगार और उद्यमिता के नए अवसर मिलेंगे। वहीं देशभर में कंटेंट क्रिएटर लैब खोलने की घोषणा युवाओं के डिजिटल सपनों को नई उड़ान देगी। इससे गेमिंग एनीमेशन और डिजिटल मीडिया जैसे क्षेत्रों में नए करियर विकल्प खुलेंगे। किसानों और नॉन कॉर्पोरेट सेक्टर के लिए किए गए प्रावधान बजट को संतुलित बनाते हैं। एग्रीप्रेन्योर उत्क्रांति फेडरेशन के अध्यक्ष मनोज गोयल ने कहा कि किसानों के लिए रिसर्च आधारित योजनाएं उत्पादकता बढ़ाने और जोखिम कम करने में मदद करेंगी। यह बजट आत्मनिर्भर और स्वदेशी भारत की नींव को और मजबूत करता है।
निर्यात स्वदेशी और 2047 तक विकास का रोडमैप
कैट नेता और मार्बल कारोबारी सुमित अग्रवाल ने इस बजट को मोदी 3.0 सरकार का स्पष्ट विकास रोडमैप बताया। उन्होंने कहा कि पीएलआई के लिए 40000 करोड़ रुपये और सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 के तहत 40000 करोड़ रुपये का प्रावधान तकनीकी क्षेत्र में बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा करेगा। टेक्सटाइल सेक्टर को मजबूती मिलने से कारीगरों और श्रमिकों को नए अवसर मिलेंगे। कस्टम ड्यूटी में कटौती से स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा मिलेगा और निर्यात में तेजी आएगी। एनआरआई निवेश को प्रोत्साहित करने की नीति भी बजट की बड़ी खासियत है। अखिल भारतीय खाद्य तेल व्यापारी महासंघ के अध्यक्ष शंकर ठक्कर ने इसे संतुलित और दूरदर्शी बजट बताते हुए कहा कि 2047 तक भारत को आत्मनिर्भर और वैश्विक नेतृत्वकर्ता बनाने की दिशा में यह बजट एक मजबूत आधार तैयार करता है।