हरियाणा में श्रमिक रजिस्ट्रेशन पोर्टल खुला, नए रजिस्ट्रेशन भी खोले गए
प्रावधान थोड़े कड़े, लेकिन श्रमिकों को 33 योजनाओं का मिलेगा लाभ

सत्य खबर हरियाणा
Labour Registration Portal : 1 साल पहले श्रम विभाग में सामने आए 1500 करोड रुपए से ज्यादा के घोटाले के बाद से बंद पड़ा श्रमिक रजिस्ट्रेशन पोर्टल बीती देर रात खोल दिया गया। इस पोर्टल के खुलने से प्रदेश के उन श्रमिकों को राहत मिली है जो सरकार की जांच के बाद वास्तव में श्रमिक पाए गए हैं।

हरियाणा के लाखों भवन निर्माण श्रमिकों को राहत देते हुए प्रदेश सरकार ने करीब एक वर्ष से बंद पड़ा श्रमिक रजिस्ट्रेशन पोर्टल देर रात फिर से शुरू कर दिया है। अब रजिस्ट्रेशन और नवीनीकरण नए नियमों और कड़े सत्यापन मानकों के तहत ही किए जाएंगे। श्रम विभाग ने कार्य पर्चियों (वर्क स्लिप) की जांच के लिए पिछले वर्ष जून में पोर्टल बंद कर दिया था। पोर्टल लंबे समय तक बंद रहने के कारण लाखों श्रमिकों को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाया है।
सूत्रों के अनुसार, वर्ष भर चली जांच में बड़ी संख्या में अपात्र एवं फर्जी रजिस्ट्रेशन सामने आए हैं। जांच के बाद केवल पात्र श्रमिकों को ही मान्य माना गया है और उन्हें विभाग की ओर से मैसेज भेजे गए हैं। प्रदेशभर में लाखों श्रमिकों के भवन निर्माण श्रमिक पंजीकरण निरस्त किए गए हैं। अब केवल पात्र श्रमिक ही योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकेंगे। जारी नियमों में मनरेगा में पंजीकृत मजदूर इस योजना में शामिल नहीं हो सकते। जो पात्र मजदूर हैं या नया पंजीकरण करवाना चाहते हैं, वे सरपंच द्वारा जारी पत्र और नियोक्ता द्वारा जारी पंजीकरण के तहत करवा सकते है।
बता दें कि श्रम विभाग में सामने आए करीब 1,500 करोड़ रुपए के कथित घोटाले के बाद पोर्टल बंद किया गया था। आरोप है कि फर्जी लाभार्थियों के नाम पर बड़ी राशि निकाली गई थी। इसी के बाद विभाग ने व्यापक जांच शुरू की और पोर्टल को बंद कर दिया गया था। जांच लंबी चलने के कारण वास्तविक श्रमिकों को भी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाया था।
श्रमिकों को मिलते हैं ये लाभ
श्रमिक की मृत्यु पर 2 लाख से 5 लाख रुपए तक सहायता राशि।
बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को 8 हजार से 51 हजार रुपए तक पुरस्कार।
कॉलेज छात्राओं को स्कूटी खरीदने के लिए 51 हजार रुपए।
साइकिल खरीदने के लिए 5 हजार रुपए।
औजार खरीदने के लिए 8 हजार रुपए
बेटियों के विवाह के लिए 1.01 लाख रुपए की सहायता।
इसके अलावा 33 कल्याणकारी योजनाओं का लाभ शामिल है।
क्या मिला जांच में
कुल मिलाकर 21 लाख 78 हजार 523 वर्क स्लिप की जांच की गई थी जिसमें से 19 लाख 7 हजार 578 वर्क स्लिप फर्जी पाई गई। कैथल में सबसे ज्यादा 98.91% वर्क स्लिप फर्जी पाई गई थी। अभी तक यह 2 साल के आंकड़े हैं अगर इन्हें और लंबे समय तक जांच के लिए बढ़ाया गया तो मामला बहुत ज्यादा भी हो सकता है।
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