शुभेंदु के शपथ ग्रहण में दिखेगी NDA की ताकत, CM सम्राट चौधरी कोलकाता रवाना

पश्चिम बंगाल की राजनीति में आज ऐतिहासिक दिन माना जा रहा है। बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं और इस समारोह में एनडीए की ताकत और एकजुटता खुलकर दिखाई देगी। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी शनिवार सुबह पटना से कोलकाता के लिए रवाना हुए। उनके साथ केंद्रीय मंत्री ललन सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी और जेडीयू नेता संजय कुमार झा भी मौजूद रहे। सभी नेता विशेष विमान से कोलकाता पहुंचे, जहां शपथ ग्रहण समारोह में देशभर के कई बड़े नेताओं का जमावड़ा लगने वाला है।
शुभेंदु अधिकारी के शपथ ग्रहण समारोह को बीजेपी और एनडीए के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। पश्चिम बंगाल में पहली बार बीजेपी सरकार बनने जा रही है, इसलिए पार्टी इसे राजनीतिक रूप से ऐतिहासिक क्षण के तौर पर पेश कर रही है। समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समेत एनडीए शासित करीब 20 राज्यों के मुख्यमंत्री भी शामिल होंगे।
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की मौजूदगी को राजनीतिक रूप से खास माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि एनडीए इस समारोह के जरिए विपक्ष को एक बड़ा संदेश देना चाहता है कि गठबंधन पूरी तरह एकजुट और मजबूत है। बिहार से कई बड़े नेताओं का एक साथ कोलकाता पहुंचना इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने इस बार रिकॉर्ड प्रदर्शन करते हुए 293 में से 207 सीटों पर जीत हासिल की। यह पहली बार है जब राज्य में बीजेपी पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाने जा रही है। दूसरी ओर तृणमूल कांग्रेस 80 सीटों तक सिमट गई, जिसने राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव ला दिया है।
शुभेंदु अधिकारी पश्चिम बंगाल के 9वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे। उनके नेतृत्व में बीजेपी बंगाल में नए राजनीतिक दौर की शुरुआत करने जा रही है। पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों में इसे लेकर भारी उत्साह देखने को मिल रहा है।
शपथ ग्रहण समारोह को भव्य बनाने के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं। कोलकाता में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। लाखों समर्थकों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है।
बिहार की राजनीति में भी सम्राट चौधरी के इस दौरे को लेकर चर्चा तेज हो गई है। माना जा रहा है कि आने वाले चुनावों से पहले एनडीए अपनी राष्ट्रीय एकजुटता और राजनीतिक ताकत का बड़ा प्रदर्शन कर रहा है, जिसका असर अन्य राज्यों की राजनीति पर भी देखने को मिल सकता है।