Punjab News: कांग्रेस में टिकटों पर मंथन तेज, पुराने नेताओं की कट सकती है राह

Punjab News: 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस पार्टी में गतिविधियां तेज हो गई हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष Amarinder Raja Warring ने टिकट वितरण को लेकर बड़ा बयान देकर सियासी माहौल गरमा दिया है। उन्होंने साफ कहा है कि पार्टी 117 विधानसभा सीटों में से करीब 80 सीटों पर नए चेहरों को मौका देगी। इसका सीधा मतलब यह है कि 2022 का चुनाव लड़ चुके कई पुराने नेताओं के टिकट कट सकते हैं। वॉरिंग के इस बयान के बाद पार्टी के भीतर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। कई वरिष्ठ नेता असहज नजर आ रहे हैं जबकि युवा नेताओं में नई उम्मीद जगी है। कांग्रेस का यह कदम स्पष्ट संकेत देता है कि पार्टी इस बार बदलाव और नई रणनीति के साथ मैदान में उतरना चाहती है।
युवाओं और नए चेहरों पर कांग्रेस का फोकस
अमरिंदर राजा वॉरिंग के मुताबिक कांग्रेस पार्टी अब युवा नेतृत्व और नई ऊर्जा को आगे बढ़ाना चाहती है। उन्होंने कहा कि इस बार टिकट वितरण में पुराने चेहरों को प्राथमिकता नहीं दी जाएगी। पार्टी का मानना है कि नए उम्मीदवार जनता से बेहतर जुड़ाव बना सकते हैं और संगठन में ताजगी ला सकते हैं। वॉरिंग ने यह भी स्पष्ट किया कि इस प्रस्ताव को वह पार्टी के वरिष्ठ नेतृत्व के सामने रखेंगे। खास तौर पर इसे Rahul Gandhi के समक्ष रखा जाएगा। इस रणनीति से साफ है कि कांग्रेस पंजाब में खुद को नए सिरे से स्थापित करना चाहती है। हालांकि इस फैसले से कई पुराने नेताओं में नाराजगी भी देखने को मिल सकती है।

मुख्यमंत्री चेहरे पर अंतिम फैसला शीर्ष नेतृत्व का
टिकट वितरण के साथ साथ मुख्यमंत्री पद को लेकर भी अमरिंदर राजा वॉरिंग ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने दो टूक कहा कि कोई भी नेता खुद को मुख्यमंत्री घोषित नहीं कर सकता। मुख्यमंत्री कौन बनेगा इसका फैसला केवल Rahul Gandhi और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष Mallikarjun Kharge ही करेंगे। वॉरिंग ने यह भी चेतावनी दी कि जो भी नेता खुद को मुख्यमंत्री बताने की कोशिश करेगा वह पार्टी की नाराजगी का शिकार होगा। इस बयान को पार्टी में अनुशासन का संदेश माना जा रहा है। कांग्रेस नेतृत्व यह साफ करना चाहता है कि अंतिम फैसला हाईकमान का ही होगा और किसी भी तरह की व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
चरणजीत सिंह चन्नी पर बयान और सियासी प्रतिक्रिया
अमरिंदर राजा वॉरिंग के बयान के बाद पूर्व मुख्यमंत्री Charanjit Singh Channi का नाम चर्चा में आ गया। इस पर चन्नी के भाई डॉ. मनोहर सिंह ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वॉरिंग की बात सही है और सोशल मीडिया पर खुद को मुख्यमंत्री बताना गलत है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि चन्नी ने ऐसा कोई दावा नहीं किया है। हालांकि राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि मुख्यमंत्री पद की दौड़ में चन्नी एक मजबूत चेहरा माने जा रहे हैं। बावजूद इसके पार्टी का रुख साफ है कि अंतिम फैसला विधायकों और शीर्ष नेतृत्व द्वारा ही लिया जाएगा। कुल मिलाकर कांग्रेस पंजाब में चुनाव से पहले संगठन को मजबूत करने और एकजुट संदेश देने की कोशिश कर रही है।