Rajasthan New Airport: राजस्थान को मिलेगा 6 साल के बाद नया एयरपोर्ट, जाने कहां बनेगा प्रदेश का नया एयरपोर्ट

Rajasthan New Airport: राजस्थान के बाड़मेर (Barmer) जिले में पिछले छह साल से रुकी पड़ी एयरपोर्ट परियोजना (Airport Project) को अब आखिरकार रफ्तार मिलने वाली है। लंबे समय से जिस विकास की आस ग्रामीणों और व्यापारियों ने लगा रखी थी वो अब साकार होने की कगार पर है। इस प्रोजेक्ट को लेकर जरूरी भूमि आवंटन (Land Allocation) प्रशासनिक क्लीयरेंस और जनसुनवाई जैसी सारी बाधाएं अब पार हो चुकी हैं। जिला प्रशासन और संबंधित विभागों की मेहनत के बाद अब यह योजना अपने अंतिम चरण (Final Phase) में पहुँच चुकी है।
रिपोर्ट 7 दिन में तैयार
बाड़मेर में बनने वाले इस नए एयरपोर्ट के लिए Social Impact Survey पूरा कर लिया गया है। इस सर्वे के तहत आसपास के गांवों के लोगों से राय ली गई और उनकी सहमति के आधार पर आगे का रोडमैप तैयार किया गया। इस प्रक्रिया में ग्रामवासियों के साथ जनसुनवाई (Public Hearing) भी की गई जिसमें लोगों ने अपने विचार खुले मन से रखे।
अब इस सर्वे को आधार बनाकर विशेषज्ञों की टीम रिपोर्ट तैयार कर रही है जिसे सात दिनों के भीतर अंतिम रूप दे दिया जाएगा। ये रिपोर्ट सरकार को सौंप दी जाएगी और इसके बाद Notification जारी किया जाएगा जिससे एयरपोर्ट निर्माण की दिशा में ठोस कदम उठाए जा सकें।
एयरपोर्ट का निर्माण क्यों है जरूरी?
बाड़मेर राजस्थान का वो क्षेत्र है जहाँ प्राकृतिक संसाधन तो हैं लेकिन कनेक्टिविटी की भारी कमी है। ऐसे में एयरपोर्ट का बनना यहाँ की तस्वीर बदल सकता है।
एयरपोर्ट बनने से सबसे पहले तो Oil Companies सेना (Army) और अन्य संस्थानों के लिए Accessibility बेहतर होगी। बाड़मेर तेल और गैस के मामले में एक प्रमुख केंद्र बन चुका है और यहां कई अंतरराष्ट्रीय कंपनियां भी काम कर रही हैं। ऐसे में हवाई मार्ग से कनेक्टिविटी का होना बहुत जरूरी है।
दूसरी तरफ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के मौके बढ़ेंगे। निर्माण कार्य से लेकर आगे की Airport Operations तक सैकड़ों लोगों को नौकरियाँ मिलेंगी। साथ ही ये एयरपोर्ट पर्यटन को भी एक नया आयाम देगा। राजस्थान की रेगिस्तानी धरती पर आने वाले देशी-विदेशी पर्यटक अब सीधे बाड़मेर आ सकेंगे जिससे स्थानीय बाजारों और होटलों को सीधा लाभ मिलेगा।
प्रशासनिक बाधाएँ अब हो चुकी हैं साफ
बाड़मेर एयरपोर्ट के निर्माण में सबसे बड़ी बाधा थी – जमीन का आवंटन और प्रशासनिक मंजूरी। लेकिन अब जब ये दोनों ही चीजें पूरी हो चुकी हैं तो उम्मीद है कि निर्माण कार्य जल्दी शुरू हो जाएगा।
राजस्व विभाग ने पहले ही जरूरी Land Transfer की प्रक्रिया पूरी कर ली है और अब इसे परियोजना कार्यान्वयन एजेंसी को सौंपा जाएगा। साथ ही पर्यावरणीय मंजूरी (Environmental Clearance) और Administrative Approval भी प्राप्त हो चुका है।
रिपोर्ट के बाद सरकार उठाएगी अगला कदम
जैसे ही विशेषज्ञों की रिपोर्ट तैयार होकर सरकार को सौंपी जाएगी वैसे ही इसके लिए Notification जारी किया जाएगा। इस नोटिफिकेशन के तहत निर्माण एजेंसियों को ठेका (Tender) दिया जाएगा और काम की शुरुआत की जाएगी।
सूत्रों के अनुसार अगर सब कुछ योजना के अनुसार चलता रहा तो आने वाले 4 से 6 महीनों में एयरपोर्ट का शिलान्यास हो सकता है। ये काम राजस्थान सरकार और केंद्र सरकार के संयुक्त सहयोग से किया जाएगा।