पैसे मिले तो जानकार लोगों को किया पहचानने से इनकार और बाकी रकम न मिलने पर पलट दी गवाही
आसाराम को सजा करवाने वाले महेंद्र चावला, भाई और बेटे के साथ गिरफ्तार, मां भी आरोपी

सत्य खबर हरियाणा
Mahendra Chawla Arrest : आसाराम और नारायण साईं के खिलाफ दुष्कर्म के मामले में मुख्य गवाह महेंद्र चावला उनके भाई और भतीजे पर एक मामले में पक्ष में गवाही के लिए 70 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने के आरोप हैं। पानीपत पुलिस ने सेक्टर-12 निवासी भगत सिंह की शिकायत पर महेंद्र चावला, उनके भाई देवेंद्र चावला और भतीजे राम को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में महेंद्र चावला की मां को भी आरोपी बनाया गया है लेकिन उसे गिरफ्तार नहीं किया गया है।

भगत सिंह ने थाना चांदनी बाग में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उनका कहना था कि महेंद्र और सनौली गांव के सरपंच संजय त्यागी का अदालत में केस चल रहा है। महेंद्र चावला मां ने कहा कि अगर वो सरपंच संजय से उनका समझौता करा देगा तो संजय के पक्ष में गवाही दे देंगे। इस पर भगत सिंह ने संजय से संपर्क किया। वहीं सनौली के पूर्व सरपंच सुरेंद्र शर्मा का भी एक मुकदमा चल रहा है। उनमें भी महेंद्र चावला की गवाही होनी थी। उस मामले में भी समझौते की बात तय हो गई। पक्ष में गवाही देने के लिए 70 लाख रुपये एक मार्च को महेंद्र चावला को सौंप दिए। उनके भाई और भतीजे घर से 70 लाख रुपये ले गए।
भगत सिंह ने बताया कि दो मार्च को महेंद्र चावला ने सरपंच के पक्ष में गवाही दी। उस समय उसने कोर्ट में अपने ही परिचितों को पहचानने से इनकार कर दिया। इसके बाद उसने और रुपए हड़पने की प्लानिंग शुरू की। 5 मार्च को अगली तारीख पर पेश न होने के लिए झूठा मेडिकल सर्टिफिकेट जमा करा दिया और 80 लाख रुपये की मांग करने लगे। अगले ही दिन पंचायत से ये प्रस्ताव पास हो गया, लेकिन इसके बाद महेंद्र ने 18 मार्च को 80 लाख रुपये और देने की डिमांड की।
धमकी दी कि अगर ये पैसे नहीं मिले तो कोर्ट में वह झूठी गवाही देगा। इसके बाद महेंद्र चावला ने अदालत में गवाही नहीं दी। चांदनीबाग थाना पुलिस ने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली थी। इसकी जांच सीआईए की टीम को दी गई। शनिवार शाम को सीआईए की टीम ने आरोपी महेंद्र चावला, उनके भाई और भतीजे को गिरफ्तार कर लिया। डीएसपी सतीश वत्स ने बताया कि महेंद्र चावला और उनके भाई और भतीजे को गिरफ्तार कर लिया गया है। आज कोर्ट में पेश किया जाएगा। रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी।
क्या है मामला
इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत दिसंबर 2025 में हुई। शिकायतकर्ता भगत सिंह के अनुसार, महेंद्र और सनौली गांव के सरपंच संजय त्यागी का कोई कोर्ट केस चल रहा है। इसी को लेकर महेंद्र की मां गोपाली देवी उनके पास आई। उन्होंने कहा कि हमारे मुकदमे में करीब एक करोड़ रुपए खर्च हो गए हैं।गोपाली देवी ने कहा- अगर वो सरपंच संजय से उन्हें ये रुपए दिला दे तो वे कोर्ट में संजय के पक्ष में गवाही दे देंगे। इसके बाद भगत सिंह ने सरपंच संजय से संपर्क करना शुरू किया। महेंद्र का पूर्व सरपंच सुरेंद्र शर्मा के साथ भी एक केस चल रहा है। इस केस में उसने सुरेंद्र के खिलाफ दर्ज FIR में समझौते के लिए 101 रुपए के स्टाम्प पेपर पर साइन कर दिए। भगत सिंह ने बताया कि इन केस में समझौता करने के बदले महेंद्र को 1 मार्च को 70 लाख रुपए दिए। महेंद्र का भाई देवेंद्र और उसका बेटा राम इन रुपयों को एक मीडिएटर के घर से ले गया। जिसकी सीसीटीवी फुटेज हमने पुलिस को सौंप दी है।
कौन है महेंद्र चावला
आसाराम और उनके बेटे नारायण साईं को मुख्य गवाह महेंद्र चावला की गवाही के आधार पर ही सजा सुनाई गई थी। आसाराम और उनके बेटे को सजा होने के बाद महेंद्र चावला सुर्खियों में आए थे लेकिन अब जब वह गवाही बदलने और पैसे लेकर गवाही देने को लेकर चर्चा में है तो आशाराम और उनके बेटे का मामला भी एक बार फिर से सुर्खियों में आ गया है।
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