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श्रीलंका से पाकिस्तान जाएंगे सत्यांजल पांडे, इस्लामाबाद में संभाल सकते हैं भारत के कार्यवाहक उच्चायुक्त की जिम्मेदारी

Satyakhabarindia

भारत और पाकिस्तान के बीच रिश्तों में जारी तनाव के बीच भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) के वरिष्ठ अधिकारी सत्यांजल पांडे को पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद स्थित भारतीय उच्चायोग में नई जिम्मेदारी मिलने जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, 2008 बैच के आईएफएस अधिकारी सत्यांजल पांडे भारत के अगले कार्यवाहक उच्चायुक्त (Chargé d’Affaires) के रूप में नियुक्त किए जा सकते हैं। वर्तमान में वह श्रीलंका में भारत के उप उच्चायुक्त के पद पर कार्यरत हैं।

सत्यांजल पांडे इस पद पर गीतिका श्रीवास्तव का स्थान लेंगे, जिन्हें अगस्त 2023 में इस्लामाबाद में भारत का कार्यवाहक उच्चायुक्त नियुक्त किया गया था। उनका कार्यकाल अब पूरा हो चुका है। नियुक्ति की औपचारिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद पांडे पाकिस्तान में भारत के राजनयिक मिशन का नेतृत्व संभालेंगे।

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गौरतलब है कि अगस्त 2019 में जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने और राज्य का विशेष दर्जा समाप्त किए जाने के बाद पाकिस्तान ने भारत के साथ अपने राजनयिक संबंधों का स्तर घटा दिया था। इसके बाद से दोनों देशों में पूर्णकालिक उच्चायुक्त नियुक्त नहीं किए गए हैं और दोनों मिशनों का संचालन कार्यवाहक उच्चायुक्तों के माध्यम से किया जा रहा है।

सत्यांजल पांडे का करियर भी काफी दिलचस्प रहा है। विदेश सेवा में आने से पहले उन्होंने चिकित्सा क्षेत्र में शिक्षा प्राप्त की। उन्होंने लखनऊ के प्रतिष्ठित King George’s Medical University (पूर्व में किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज) से एमबीबीएस की पढ़ाई की। वर्ष 1999 से 2005 के बीच उन्होंने यहां मेडिकल शिक्षा हासिल की और एमबीबीएस की डिग्री प्राप्त की।

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उनकी स्कूली शिक्षा आगरा के St. Peter’s College से हुई। इसके अलावा उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा ऋषि ज्ञान केंद्र से प्राप्त की। मेडिकल क्षेत्र में शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने प्रबंधन की पढ़ाई भी की और Indian Institute of Management Bangalore से डिप्लोमा इन एग्जीक्यूटिव मैनेजमेंट किया।

करीब 18 वर्षों के राजनयिक अनुभव के साथ सत्यांजल पांडे अब भारत-पाकिस्तान संबंधों के संवेदनशील मोर्चे पर महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए तैयार हैं। ऐसे समय में उनकी नियुक्ति को दोनों देशों के बीच राजनयिक संवाद बनाए रखने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।

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