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समाज कल्याण विभाग का बड़ा कदम, बालिका विद्यालयों में शुरू हुआ टैबलेट पायलट प्रोजेक्ट


समाज कल्याण विभाग ने बालिकाओं के समावेशी विकास, डिजिटल साक्षरता और तकनीकी सशक्तिकरण को नई दिशा देने के लिए मदद फाउंडेशन के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते के तहत मंगलवार को सहभागिता भवन में आयोजित एक कार्यक्रम में गोरखपुर और महराजगंज स्थित जयप्रकाश नारायण सर्वोदय बालिका विद्यालयों की प्रधानाचार्यों को कुल 40 टैबलेट वितरित किए गए। इस पहल का उद्देश्य बालिकाओं को आधुनिक शिक्षा प्रणाली से जोड़ना और उन्हें तकनीकी रूप से सक्षम बनाना है ताकि वे भविष्य की चुनौतियों का आत्मविश्वास के साथ सामना कर सकें।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण ने कहा कि डिजिटल शिक्षा आज के समय की अनिवार्य आवश्यकता बन चुकी है। सरकार स्मार्ट क्लास, ई कंटेंट, टैबलेट और कौशल व करियर आधारित प्रशिक्षण के माध्यम से बालिकाओं को नई तकनीकों से जोड़ने का अभियान चला रही है। उनका कहना था कि सरकार का लक्ष्य सिर्फ शिक्षा देना नहीं है बल्कि बालिकाओं को तकनीकी रूप से दक्ष, आत्मनिर्भर और सशक्त नागरिक बनाना है। तकनीकी संसाधनों के माध्यम से छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलेगी और उनमें आत्मविश्वास का भी विकास होगा।

असीम अरुण ने जानकारी दी कि दोनों विद्यालयों को 20-20 टैबलेट उपलब्ध कराए गए हैं। इन टैबलेट का उपयोग संबंधित विद्यालयों की छात्राएं अपनी पढ़ाई और डिजिटल सीख के लिए करेंगी। उन्होंने बताया कि यह एक पायलट प्रोजेक्ट है और इसकी सफलता के बाद अन्य स्कूलों को भी इस योजना के अंतर्गत टैबलेट उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे ग्रामीण और अर्ध शहरी क्षेत्रों की बालिकाओं को डिजिटल शिक्षा का लाभ मिलेगा और शिक्षा के क्षेत्र में समान अवसर सुनिश्चित किए जा सकेंगे।
मंत्री ने कहा कि यह पहल सरकार के बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ और डिजिटल इंडिया अभियान की भावना के अनुरूप है। मदद फाउंडेशन के संस्थापक राजेश मणि ने इस सहयोग को सामाजिक उत्थान और शिक्षा के क्षेत्र में एक सार्थक प्रयास बताया। उन्होंने कहा कि तकनीक के माध्यम से शिक्षा को मजबूत करना समाज के भविष्य को मजबूत करने जैसा है। कार्यक्रम में निदेशक संजीव सिंह, उपनिदेशक आनंद कुमार सिंह और जे राम भी मौजूद रहे। सभी ने इस पहल को बालिकाओं के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक मजबूत कदम बताया।