असम में दिल्ली ब्लास्ट के ऑनलाइन समर्थकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई, अब तक 21 गिरफ्तारियां

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा ने बताया कि दिल्ली में हुए आतंकवादी विस्फोट के समर्थन में सोशल मीडिया पर पोस्ट करने वाले एक और व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। अब तक इस मामले में कुल 21 लोग गिरफ्तार हो चुके हैं। मुख्यमंत्री ने साफ कहा है कि आतंकवादियों को ऑनलाइन समर्थन देने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने की गिरफ्तारी की पुष्टि और कड़ी चेतावनी
सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में हिमंता बिस्वा शर्मा ने बताया कि असम पुलिस ने एक और देशविरोधी व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। इस मामले में गिरफ्तारियों की संख्या बढ़कर 21 हो गई है। उन्होंने कहा कि हम किसी भी आतंकवादी गतिविधि का समर्थन करने वाले को माफ नहीं करेंगे। यह राज्य सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति का हिस्सा है जो आतंकवाद के खिलाफ सख्त रुख अपनाती है।

गिरफ्तारी के आंकड़े और जिलों की जानकारी
अधिकारियों के मुताबिक गिरफ्तार किए गए लोगों में कामरूप और बोनगाइगांव से तीन-तीन, चिरांग, लखीमपुर और बर्पेटा से दो-दो, तथा दारांग, गोलपारा, नलबाड़ी, हायलाकांडी, होजाई, साउथ सालमारा, कोकराझार, बजाली और ढुबरी से एक-एक व्यक्ति शामिल है। यह गिरफ्तारी असम पुलिस की व्यापक जांच और सतर्कता का परिणाम है, ताकि राज्य में आतंकवाद को फैलने से रोका जा सके।
दिल्ली में हुए धमाके की भयावहता और मौतों का आंकड़ा
दिल्ली के लाल किले के मेट्रो स्टेशन के पास सोमवार शाम को धीमी गति से चलती कार में हुए विस्फोट में 12 लोगों की मौत हो गई और कई घायल हुए। यह हमला बेहद संगीन था और पूरे देश को हिलाकर रख दिया। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा ने बताया कि सरकार ने इस हमले का समर्थन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का फैसला लिया है।
पहले भी 17 गिरफ्तारियां हुई थीं, आरोपी अल फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़े
इससे पहले भी असम में 17 लोगों को गिरफ्तार किया गया था, जिनपर लाल किले हमले की तारीफ करने का आरोप था। इस हमले में कश्मीरी डॉक्टर डॉ. उमर उन-नबी, जो कार चला रहे थे, भी मारे गए थे। जांच में सामने आया है कि आरोपी अल फलाह यूनिवर्सिटी, फरीदाबाद से जुड़े थे। सुरक्षा एजेंसियों ने उमर और उनके सहयोगी डॉ. मुझम्मिल अहमद की डायरी भी बरामद की है, जिसमें संदिग्ध गतिविधियों के सुराग मिले हैं।