CM Siddaramaiah का मोदी सरकार पर बड़ा हमला! चुनाव आयोग से लेकर संस्थानों तक सब तबाह?

कर्नाटक के CM Siddaramaiah ने शनिवार (8 नवंबर 2025) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बड़ा आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद से देश की सभी संवैधानिक और स्वतंत्र संस्थाओं — जैसे चुनाव आयोग, सीबीआई, प्रवर्तन निदेशालय (ED) और आयकर विभाग — को केंद्र सरकार के अधीन कर दिया गया है। सिद्धारमैया ने कहा कि मोदी सरकार ने इन संस्थाओं की स्वतंत्रता खत्म कर दी है और अब वे पूरी तरह केंद्र के इशारों पर काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि यह लोकतंत्र के लिए अत्यंत हानिकारक स्थिति है।
‘भाजपा झूठ बोलने और वोट चोरी करने में माहिर पार्टी’
CM Siddaramaiah ने भारतीय जनता पार्टी पर तीखा प्रहार करते हुए कहा, “भाजपा झूठ बोलने में माहिर है। वे सिर्फ झूठ नहीं बोलते, बल्कि झूठ को ही अपना धर्म मान चुके हैं। अब उन्होंने यह भी साबित कर दिया है कि वे वोट चोरी में भी विशेषज्ञ हैं। पिछले कुछ वर्षों में भाजपा ने लोकसभा और विधानसभा चुनावों में वोट चोरी के ज़रिए ही सत्ता हासिल की है। केंद्र में और कई राज्यों में उनकी सरकारें इसी तरीके से बनी हैं।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि भाजपा के नेताओं ने लोकतंत्र की नींव को कमजोर करने का काम किया है।

‘राहुल गांधी ने सबूतों के साथ किया भाजपा का पर्दाफाश’
सिद्धारमैया ने कहा कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने महाराष्ट्र, हरियाणा और कर्नाटक में ठोस सबूतों के साथ भाजपा की चुनावी धांधलियों का खुलासा किया है। उन्होंने कहा कि बिहार चुनावों में तो हद ही पार हो गई, जहाँ दिल्ली में मतदान कर चुके लोगों ने बिहार में भी वोट डाला। यह पूरी तरह असंवैधानिक है, क्योंकि संविधान के अनुसार कोई व्यक्ति केवल एक ही स्थान पर वोट डाल सकता है। उन्होंने कहा कि इस तरह सत्ता हासिल करना लोकतंत्र और संविधान की मूल भावना के खिलाफ है। साथ ही उन्होंने चुनाव आयोग पर भी निशाना साधा और कहा कि आयोग राहुल गांधी द्वारा उठाए गए इन गंभीर आरोपों की जांच करने के बजाय “गैर-जिम्मेदाराना रवैया” अपना रहा है।
कांग्रेस का ‘हस्ताक्षर अभियान’ बना सरकार के खिलाफ जन आंदोलन
सिद्धारमैया ने बताया कि भाजपा की इन कथित धांधलियों के खिलाफ कांग्रेस ने पूरे कर्नाटक में ‘वोट चोरी के खिलाफ हस्ताक्षर अभियान’ शुरू किया है। इस अभियान का उद्देश्य जनता को जागरूक करना और संवैधानिक संस्थाओं की रक्षा के लिए एकजुट करना है। अब तक राज्यभर में 1.12 करोड़ से अधिक हस्ताक्षर एकत्र किए जा चुके हैं, और यह प्रक्रिया जारी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 10 नवंबर तक हस्ताक्षरों का पहला सेट अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) को भेजा जाएगा, जो इसे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को सौंपेगी। उन्होंने कहा कि यह अभियान कर्नाटक के सभी 40 राजनीतिक जिलों में चलाया गया है और जिन क्षेत्रों में धीमी प्रगति हुई है, वहाँ इसे और तेज़ किया जाएगा। सिद्धारमैया ने इसे “संविधान, लोकतंत्र और स्वतंत्र संस्थाओं की रक्षा का आंदोलन” बताया।