राष्‍ट्रीय

देवगौड़ा ने कांग्रेस को कहा ‘मजबूरी की शादी’, भाजपा संग गठबंधन की ओर इशारा

Satyakhabarindia

पूर्व प्रधानमंत्री और जनता दल (संचारी) प्रमुख एच.डी. देवगौड़ा ने बुधवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खर्गे द्वारा संसद में किए गए तंज का जवाब दिया। खर्गे ने राज्यसभा में देवगौड़ा की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ को लेकर मजाकिया टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा कि देवगौड़ा विपक्ष के साथ “प्यार” रखना चाहते हैं लेकिन भाजपा के साथ “शादी” करना चाहते हैं। खर्गे की यह बात सुनकर पूरे सदन में हंसी की लहर दौड़ गई और प्रधानमंत्री भी मुस्कुराते नजर आए।

‘कांग्रेस के साथ मेरी शादी मजबूरी थी’

देवगौड़ा ने खर्गे की टिप्पणी का जवाब X (पूर्व ट्विटर) पर देते हुए कहा कि अगर इसे शादी की भाषा में समझाया जाए तो उनकी कांग्रेस के साथ शादी मजबूरी थी। उन्होंने कहा कि उन्हें कांग्रेस से “तलाक” लेना पड़ा क्योंकि यह रिश्ता उनके लिए “दुराचारपूर्ण” था। देवगौड़ा ने यह भी स्पष्ट किया कि जब खर्गे ने यह टिप्पणी की थी, तब वह बंगालुरु में उगाड़ी उत्सव में मौजूद थे, इसलिए वह संसद में उपस्थित नहीं थे।

गंगा एक्सप्रेसवे उद्घाटन के साथ यूपी की विकास यात्रा पर पीएम मोदी का बड़ा बयान
गंगा एक्सप्रेसवे उद्घाटन के साथ यूपी की विकास यात्रा पर पीएम मोदी का बड़ा बयान

देवगौड़ा ने कांग्रेस को कहा 'मजबूरी की शादी', भाजपा संग गठबंधन की ओर इशारा

कांग्रेस पर गंभीर आरोप

देवगौड़ा ने 2019 में जनता दल (संचारी)-कांग्रेस गठबंधन सरकार के पतन का हवाला देते हुए कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने उन नेताओं के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जिन्होंने दल बदल किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि कई कांग्रेस विधायक भाजपा में चले गए और यह कांग्रेस नेताओं के प्रयास से हुआ। देवगौड़ा ने कहा कि उन्होंने गठबंधन नहीं तोड़ा बल्कि कांग्रेस के नेता स्वयं अलग हो गए।

बंगाल चुनाव में विवाद EVM बटन ढकने के आरोप से मचा सियासी तूफान
बंगाल चुनाव में विवाद EVM बटन ढकने के आरोप से मचा सियासी तूफान

स्थिर गठबंधन की तलाश

देवगौड़ा ने कहा कि कांग्रेस के नेताओं के रवैये के कारण उनके पास और कोई विकल्प नहीं बचा था। उन्होंने अपने समर्थकों और जनता से कहा कि स्थिर और भरोसेमंद गठबंधन की तलाश जरूरी थी। उनका मानना है कि राजनीतिक स्थिरता और उत्तरदायित्वपूर्ण निर्णय ही जनता के हित में है। उन्होंने अपने बयान में स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य राजनीतिक विवाद पैदा करना नहीं बल्कि जनता और लोकतंत्र के लिए सही रास्ता तलाशना है।

अंबाला कैंट और रेवाड़ी रेलवे स्टेशन तथा गुरुग्राम के 6 बड़े स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button