राष्ट्रीय
कपिल सिब्बल का PM मोदी से बड़ा सवाल, बदलाव या बदले की राजनीति पर घमासान


राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ वकील Kapil Sibal ने हाल ही में चुनावी राजनीति और लोकतांत्रिक व्यवस्था को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि चुनाव जीत और हार का हिस्सा होते हैं लेकिन यह जरूरी है कि संविधान और लोकतंत्र को किसी भी हालत में नुकसान न पहुंचे। सिब्बल ने यह भी कहा कि जीत महत्वपूर्ण है लेकिन उससे भी ज्यादा महत्वपूर्ण यह है कि वह जीत किस तरीके से हासिल की गई। उन्होंने संकेत दिया कि चुनावी जीत के पीछे इस्तेमाल किए गए तरीकों और संभावित साजिशों पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
कपिल सिब्बल ने प्रधानमंत्री Narendra Modi के पुराने बयान का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने कभी कहा था कि सरकार बदले की नहीं बल्कि बदलाव की राजनीति करती है। सिब्बल ने सवाल उठाया कि 2014 के बाद क्या वास्तव में वही नीति अपनाई गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई राज्यों में बहुमत वाली सरकारों को तोड़कर नई सरकारें बनाई गईं और यह सब राजनीतिक रणनीति के तहत किया गया। उनके अनुसार यह बदलाव की राजनीति नहीं बल्कि बदले की राजनीति का संकेत देता है।

सिब्बल ने अपने बयान में प्रवर्तन निदेशालय जैसी जांच एजेंसियों के इस्तेमाल पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जिस तरह से कुछ मुख्यमंत्रियों और नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की गई वह चिंता का विषय है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कदम सत्ता परिवर्तन के लिए उठाए गए और इसका देश के वास्तविक विकास से कोई लेना देना नहीं है। सिब्बल ने कहा कि सत्ता बदलना और देश में सकारात्मक बदलाव लाना दो अलग-अलग बातें हैं और इन दोनों को अलग-अलग समझना जरूरी है।
जब उनसे पश्चिम बंगाल की नेता Mamata Banerjee के इस्तीफे को लेकर बयान के बारे में पूछा गया तो उन्होंने इस पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति के निजी विचारों पर टिप्पणी करना उचित नहीं है और इस विषय पर सीधे उनसे ही सवाल पूछा जाना चाहिए। इसके अलावा जब उनसे कानूनी विकल्पों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने इसे काल्पनिक सवाल बताते हुए जवाब देने से मना कर दिया। उनके इस पूरे बयान ने राजनीतिक बहस को एक नई दिशा दे दी है।