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केरल में कांग्रेस की जीत के बाद मुख्यमंत्री चेहरे पर बढ़ा जबरदस्त सस्पेंस

Satyakhabarindia

केरल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों ने राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव ला दिया है। कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्पष्ट बहुमत हासिल किया है और इसके बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही बन गया है कि राज्य का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा। चुनाव परिणाम आने के तुरंत बाद कांग्रेस नेताओं की बैठकों का दौर शुरू हो गया है। पार्टी आलाकमान लगातार वरिष्ठ नेताओं से चर्चा कर रहा है और मुख्यमंत्री पद के लिए कई समीकरणों पर विचार किया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक फिलहाल मुख्यमंत्री पद की दौड़ दो बड़े नेताओं के बीच सिमटती दिखाई दे रही है। इनमें कांग्रेस संगठन महासचिव के. सी. वेणुगोपाल और महाराष्ट्र कांग्रेस के प्रभारी रमेश चेन्निथला का नाम सबसे आगे चल रहा है। दोनों ही नेता लंबे समय से कांग्रेस संगठन में मजबूत पकड़ रखते हैं और पार्टी के भरोसेमंद चेहरों में गिने जाते हैं। अब सबकी नजर कांग्रेस हाईकमान के अंतिम फैसले पर टिकी हुई है।

राहुल गांधी के करीबी माने जाते हैं वेणुगोपाल

मुख्यमंत्री पद की चर्चा में सबसे ज्यादा नाम के. सी. वेणुगोपाल का लिया जा रहा है। वे कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बेहद करीबी और भरोसेमंद नेताओं में माने जाते हैं। पार्टी संगठन में उनकी भूमिका काफी अहम रही है और कांग्रेस के कई बड़े अभियानों की जिम्मेदारी भी उन्होंने संभाली है। वेणुगोपाल फिलहाल केरल की अलप्पुझा लोकसभा सीट से सांसद हैं। इससे पहले वे राज्यसभा सांसद के रूप में भी अपनी भूमिका निभा चुके हैं। छात्र राजनीति से अपने करियर की शुरुआत करने वाले वेणुगोपाल ने केरल छात्र संघ के जरिए राजनीति में कदम रखा था और धीरे-धीरे संगठन में मजबूत पकड़ बना ली। कांग्रेस के भीतर उन्हें रणनीतिक सोच रखने वाला नेता माना जाता है। हालांकि अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या राहुल गांधी उन्हें दिल्ली की राजनीति और संगठन से हटाकर केरल भेजना चाहेंगे या नहीं। यही वजह है कि मुख्यमंत्री पद को लेकर अंतिम फैसला आसान नहीं माना जा रहा।

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अनुभवी चेहरा हैं रमेश चेन्निथला

दूसरी ओर रमेश चेन्निथला भी मुख्यमंत्री पद की दौड़ में बेहद मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं। कांग्रेस संगठन में उनका लंबा अनुभव और जमीनी पकड़ उन्हें एक बड़ा चेहरा बनाती है। रमेश चेन्निथला पहले युवा कांग्रेस के अध्यक्ष रह चुके हैं और वर्तमान में महाराष्ट्र कांग्रेस के प्रभारी हैं। उन्होंने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत एनएसयूआई से की थी और धीरे-धीरे पार्टी में अपनी अलग पहचान बनाई। केरल विधानसभा चुनाव 2026 में वे हरिपाद सीट से रिकॉर्ड छठी बार विधायक चुने गए हैं। इसके अलावा वे चार बार लोकसभा सांसद भी रह चुके हैं और केरल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी भी निभा चुके हैं। पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं का मानना है कि चेन्निथला का प्रशासनिक अनुभव और संगठनात्मक समझ उन्हें मुख्यमंत्री पद के लिए मजबूत उम्मीदवार बनाती है। यही कारण है कि कांग्रेस के भीतर दोनों नेताओं के समर्थकों के बीच भी चर्चाएं तेज हो गई हैं।

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कांग्रेस आलाकमान के फैसले पर टिकी नजरें

केरल विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने अकेले दम पर 63 सीटों पर जीत दर्ज की है जबकि उसकी सहयोगी इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग यानी IUML ने 22 सीटें जीतकर गठबंधन को मजबूत बहुमत दिलाया है। चुनाव परिणाम आने के बाद कांग्रेस विधायकों की बैठक भी हो चुकी है लेकिन अंतिम फैसला अभी तक सामने नहीं आया है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस आलाकमान जल्द ही पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट और वरिष्ठ नेताओं की राय के आधार पर मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा कर सकता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह फैसला सिर्फ केरल की राजनीति नहीं बल्कि कांग्रेस के राष्ट्रीय संगठनात्मक संतुलन को भी प्रभावित करेगा। ऐसे में पार्टी हर कदम बेहद सोच समझकर उठा रही है। अब देखना होगा कि कांग्रेस राहुल गांधी के करीबी चेहरे पर भरोसा जताती है या फिर अनुभवी नेतृत्व को प्राथमिकता देती है।

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