निर्मला सीतारमण ने राहुल गांधी पर जमकर किया हमला, कहा कांग्रेस ने ही देश को बेचा

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में बजट पर बहस के दौरान कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के “माँ भारती को बेचना” वाले बयान पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि देश को बेचने का काम UPA सरकार ने किया और भारत को पाकिस्तान के साथ खड़ा किया। सीतारमण ने कहा, “यह कांग्रेस थी जिसने सरकार, किसानों, गरीबों और देश को बेचा। यही वह लोग थे जिन्होंने भारत को पाकिस्तान के साथ जोड़ने का काम किया। किरेन रिजिजू सही थे – अब तक कोई ऐसा व्यक्ति पैदा नहीं हुआ जिसने भारत को बेचा हो, और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कभी ऐसा नहीं करेंगे।”
शर्म एल-शेख समझौते का जिक्र
फाइनेंस मिनिस्टर ने शर्म एल-शेख संयुक्त बयान का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि UPA सरकार ने भारत की संप्रभुता और सुरक्षा पर समझौतों में समझौता किया। उन्होंने कहा, “जो लोग शर्म एल-शेख में पाकिस्तान के साथ बातचीत करना चाहते थे, वही आज हमें सुझाव दे रहे हैं।” 2009 में यह समझौता तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री सैयद यूसुफ रजा गिलानी के बीच हुआ था। इस बैठक में 26/11 मुंबई हमलों के सात महीने बाद आतंकवादियों को न्याय के कटघरे में लाने की बात दोहराई गई थी। सीतारमण ने यह भी आरोप लगाया कि डब्ल्यूटीओ की बाली बैठक में शांति क्लॉज पर भी कांग्रेस ने समझौता किया।

राहुल गांधी का भारत बेचने का आरोप
राहुल गांधी ने इंडिया-यूएस ट्रेड डील को लेकर सरकार पर निशाना साधा और कहा कि उन्हें शर्म आनी चाहिए। उन्होंने कहा, “आपने भारत को बेचा… इतिहास में पहली बार हमारे किसान तूफान का सामना कर रहे हैं और आपने गरीब किसानों को कुचलने का रास्ता खोल दिया।” राहुल गांधी ने इसे “असहनीय” बताते हुए कहा कि प्रारंभ में औसत टैरिफ तीन प्रतिशत था, अब यह बढ़कर 18 प्रतिशत हो गया। इससे अमेरिकी आयात US$46 बिलियन से बढ़कर US$146 बिलियन हो जाएगा। उन्होंने कहा, “उनका हमारे प्रति कोई कमिटमेंट नहीं है, लेकिन हमारे पास उनके प्रति है।”
भारत-यूएस डील पर गंभीर सवाल
राहुल गांधी ने कहा कि भारत को $500 बिलियन अमेरिकी ऊर्जा और तकनीकी उत्पाद खरीदने का प्रावधान समझौते में शामिल किया गया है। उन्होंने कहा, “हम बेवकूफों की तरह खड़े हैं। हमारी टैरिफ 18 प्रतिशत हो गई है और उनकी 16 प्रतिशत से घटकर शून्य हो गई है।” वित्त मंत्री सीतारमण ने जवाब में कहा कि यह कांग्रेस की ही गलती थी जिसने गरीबों और किसानों के लाभ को बेचने के साथ-साथ देश को भी नुकसान पहुँचाया। इस बहस में दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस देखने को मिली और मुद्दा भारतीय संसद में गर्म विषय बन गया।