Punjab GST: दर कटौती के बावजूद पंजाब ने GST में 15 प्रतिशत से ज्यादा बढ़त दर्ज की

जनवरी 2026 में पंजाब ने जीएसटी संग्रह में महत्वपूर्ण वृद्धि दर्ज की है, जो राज्य की बेहतर आर्थिक गतिविधियों और कर अनुपालन का संकेत है। वित्त, आबकारी एवं कर मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि जनवरी में राज्य ने कुल 2452.66 करोड़ रुपये जीएसटी वसूल किया। शुद्ध जीएसटी वसूली में जनवरी 2025 की तुलना में 15.7 प्रतिशत यानी लगभग 315 करोड़ रुपये की वृद्धि हुई है। यह उपलब्धि खासतौर पर उस समय मिली है जब केंद्र सरकार ने जीएसटी 2.0 दरों को तर्कसंगत बनाने के लिए कई बदलाव किए, जिससे पंजाब को राजस्व में लगभग 250 करोड़ रुपये मासिक नुकसान हुआ।
कटौती के बावजूद पंजाब ने राष्ट्रीय औसत से बेहतर किया प्रदर्शन
हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि कई प्रमुख क्षेत्रों जैसे धागा, टेक्सटाइल, फार्मास्यूटिकल्स, बीमा और सीमेंट में दरों में कटौती के बावजूद पंजाब ने न केवल नुकसान की भरपाई की बल्कि निरंतर विकास दर भी राष्ट्रीय औसत से बेहतर दर्ज की। जनवरी 2026 तक पंजाब की शुद्ध जीएसटी वसूली में 13.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जो कुल 22,014 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। इसी दौरान एसजीएसटी नकद वसूली में भी 14.4 प्रतिशत की रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई, जो देश के सभी राज्यों में सबसे अधिक है। इस तरह पंजाब पूरे भारत में अग्रणी स्थिति में उभरा है।

करदाताओं के लिए सुविधाएं और समय पर रिफंड जारी करना प्राथमिकता
मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि राज्य सरकार करदाताओं को बेहतर सेवा देने के लिए भी प्रतिबद्ध है। केवल जनवरी 2026 में ही 129 करोड़ रुपये के एसजीएसटी रिफंड जारी किए गए, जबकि कुल रिफंड राशि लगभग 300 करोड़ रुपये रही। समय पर रिफंड सुनिश्चित करना और व्यापक स्तर पर राजस्व जुटाना एक पारदर्शी और करदाता-अनुकूल प्रशासन का परिचायक है। इस परिप्रेक्ष्य में पंजाब ने न केवल राजस्व की सुरक्षा की है बल्कि कराधान प्रणाली को मजबूत बनाने का भी काम किया है।
प्रवर्तन कार्रवाई से 1,000 करोड़ से अधिक वसूली, कर चोरी पर कड़ा प्रहार
हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि जनवरी 2026 में प्रवर्तन विभाग की कार्रवाइयों ने भी बेहतर परिणाम दिए हैं। स्टेट इंटेलिजेंस एंड प्रिवेंटिव यूनिट्स ने सड़क जांच और निरीक्षण के जरिए आईटीसी चोरी और जाली बिलिंग को रोकते हुए 200 करोड़ रुपये से अधिक की वसूली की। इस वित्तीय वर्ष में कुल प्रवर्तन वसूली लगभग 1,000 करोड़ रुपये के करीब पहुंच गई है, जो पंजाब के कर चोरी के खिलाफ तीव्र और डेटा-आधारित प्रयासों को दर्शाती है। केंद्र द्वारा आईजीएसटी निपटान में कटौती और दरों में संशोधन के बावजूद पंजाब ने बेहतर प्रशासन और लक्षित प्रवर्तन से अपने राजस्व को मजबूती से बनाए रखा है।