केरल कांग्रेस में मुख्यमंत्री चेहरे को लेकर बढ़ा सस्पेंस हाईकमान जल्द करेगा फैसला

केरल की राजनीति में कांग्रेस के भीतर मुख्यमंत्री पद को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष Sunny Joseph ने संकेत दिए हैं कि कांग्रेस अध्यक्ष Mallikarjun Kharge और लोकसभा में विपक्ष के नेता Rahul Gandhi जल्द ही राज्य के अगले मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री पद के सभी प्रमुख दावेदारों से पार्टी नेतृत्व पहले ही बातचीत कर चुका है। इस बयान के बाद केरल कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति और अधिक चर्चा में आ गई है।
हाईकमान की रणनीति पर टिकी नजरें
नई दिल्ली से लौटने के बाद मीडिया से बातचीत में सनी जोसेफ ने कहा कि फिलहाल उन्हें राज्य स्तर पर किसी और दौर की चर्चा की आवश्यकता नहीं लगती। हालांकि उन्होंने मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा की तारीख स्पष्ट नहीं की। उन्होंने यह जरूर कहा कि पार्टी नेतृत्व ने सभी नेताओं को विवाद और सार्वजनिक बयानबाजी से बचने की सलाह दी है ताकि संगठनात्मक एकता बनी रहे। जब उनसे पूछा गया कि क्या यूडीएफ के सहयोगी दलों से भी चर्चा होगी तो उन्होंने साफ कहा कि अंतिम निर्णय कांग्रेस हाईकमान ही करेगा।

मुख्यमंत्री पद की दौड़ में तीन बड़े चेहरे
कांग्रेस के भीतर इस समय मुख्यमंत्री पद की दौड़ में तीन बड़े नेताओं के नाम सबसे आगे बताए जा रहे हैं। इनमें K. C. Venugopal, V. D. Satheesan और Ramesh Chennithala प्रमुख दावेदार माने जा रहे हैं। पार्टी सूत्रों के अनुसार सोनिया गांधी, राहुल गांधी और वरिष्ठ नेता ए के एंटनी के बीच होने वाली चर्चा इस चयन में अहम भूमिका निभा सकती है। तीनों नेताओं के समर्थक अपने-अपने दावों को मजबूत बता रहे हैं और अंदरखाने लॉबिंग भी तेज हो गई है।
अनुभव बनाम लोकप्रियता की जंग
जहां के सी वेणुगोपाल खेमे को भरोसा है कि विधायक दल की राय को प्राथमिकता मिलेगी, वहीं वी डी सतीशन समर्थकों का मानना है कि जनता के बीच उनकी लोकप्रियता और यूडीएफ सहयोगियों का समर्थन उन्हें मजबूत उम्मीदवार बनाता है। दूसरी ओर रमेश चेन्निथला अपने लंबे राजनीतिक अनुभव और वरिष्ठता के आधार पर खुद को मजबूत दावेदार मान रहे हैं। सूत्रों के अनुसार सतीशन और चेन्निथला दोनों इस बात से संतुष्ट हैं कि हाईकमान ने उनकी राय विस्तार से सुनी है। अब पूरे केरल की नजर कांग्रेस नेतृत्व के अंतिम फैसले पर टिकी हुई है, जो राज्य की राजनीति की दिशा तय कर सकता है।