राष्ट्रीय
PoK में फिर सक्रिय हुए आतंकवादी, Jaish-e-Mohammed और LeT कैंपों में तेजी से तैयारी


दुश्मन देश पाकिस्तान अपनी कुत्सित गतिविधियों से बाज नहीं आ रहा है। पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में आतंकवादी प्रशिक्षण शिविरों की गतिविधियाँ फिर सक्रिय हो गई हैं। शुक्रवार को बहावलपुर में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादियों की एक बड़ी सभा आयोजित की गई। वहीं, लश्कर-ए-तैयबा (LeT) ने भी PoK में अपने महिला विंग को सक्रिय कर दिया है। मीटिंग में मीरपुर, PoK में सभी शीर्ष नेता, जिनमें अब्दुर रऊफ, रिजवान हनीफ और अबू मूसा शामिल थे, उपस्थित रहे और आतंकवादी युवाओं को संबोधित किया।
सूत्रों के अनुसार, जैश-ए-मोहम्मद 1 जनवरी 2026 से मीरपुर, PoK में 7-दिवसीय दौरा-तर्बिया प्रशिक्षण शिविर आयोजित करने जा रहा है। इसके अलावा, गढ़ी हबीबुल्लाह, बालाकोट और अन्य क्षेत्रों में संगठन की सार्वजनिक रैलियों में भी तेजी आई है। खतरनाक बात यह है कि इन प्रशिक्षण शिविरों में कई छोटे बच्चे भी सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं, जो भारत और क्षेत्र की सुरक्षा के लिए बड़ी चुनौती बन सकते हैं।

जैश-ए-मोहम्मद ने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया है कि कश्मीर टाइगर्स उसका फ्रंट संगठन है। पाकिस्तान में कई स्थानों पर लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादी शिविरों का निर्माण तेजी से जारी है। लोअर डीर में स्थित लश्कर का प्रशिक्षण शिविर, जिहाद-ए-अक्सा, पिछले कुछ महीनों से सक्रिय है। यह स्थिति दर्शाती है कि पाकिस्तान न केवल मौजूदा आतंकवादी नेटवर्क को सक्रिय कर रहा है, बल्कि नए आतंकवादियों की भर्ती और प्रशिक्षण को भी बढ़ावा दे रहा है।
22 अप्रैल को जम्मू और कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के जवाब में भारतीय सशस्त्र बलों ने ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था। इस ऑपरेशन के तहत भारत ने पाकिस्तान और PoK में नौ प्रमुख आतंकवादी ठिकानों पर सटीक हमले किए। इस सैन्य कार्रवाई में जैश-ए-मोहम्मद (JeM), लश्कर-ए-तैयबा (LeT), और हिज़बुल मुजाहिद्दीन (HM) से जुड़े प्रशिक्षण शिविर और लॉन्च पैड पूरी तरह नष्ट कर दिए गए। सूत्रों के अनुसार, इन हमलों में लगभग 80 से 100 आतंकवादी मारे गए। यह अभियान भारत की सख्त प्रतिक्रिया और आतंकवाद के खिलाफ उसकी तत्परता को दर्शाता है।