चंद्रशेखर आज़ाद रावण और रोहिनी घवरी का विवाद गहराया, आरोप-प्रत्यारोप और सच्चाई के लिए शुरू जांच

इंदौर की पीएचडी शोधार्थी डॉ. रोहिनी घवरी के खिलाफ दिल्ली पुलिस में शिकायत दर्ज की गई है। उन पर आरोप है कि उन्होंने उत्तर प्रदेश के नागिन सांसद चंद्रशेखर आज़ाद रावण का एक फर्जी ऑडियो रिकॉर्डिंग एआई की मदद से तैयार कर सोशल मीडिया पर साझा किया। रोहिणी ने खुद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर इस शिकायत की जानकारी साझा की। शिकायतकर्ता का नाम फिलहाल स्पष्ट नहीं है।
फर्जी ऑडियो का मामला
शिकायत में कहा गया है कि रोहिणी द्वारा साझा किया गया कॉल रिकॉर्डिंग ऑडियो जिसमें चंद्रशेखर आज़ाद रावण की आवाज़ थी, में बीएसपी सुप्रीमो मायावती के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी की गई। रोहिणी ने पहले दावा किया था कि यह ऑडियो असली है और किसी ने यह साबित किया कि यह एआई से निर्मित है तो उन्हें पुरस्कार मिलेगा। अब इसी ऑडियो के आधार पर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है और इसे फर्जी बताया गया है।

रोहिणी घवरी का पृष्ठभूमि
रोहिणी घवरी का जन्म 28 अगस्त 1993 को इंदौर, मध्य प्रदेश में दलित परिवार में हुआ था। उन्होंने केन्द्रीय विद्यालय, इंदौर से प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त की और स्विट्ज़रलैंड से पीएचडी की डिग्री हासिल की। वर्तमान में वे स्विट्ज़रलैंड में काम करती हैं और एक एनजीओ चलाती हैं। उनके पिता शिव घवरी कांग्रेस से जुड़े सामाजिक कार्यकर्ता हैं और उनकी मां बीमा अस्पताल, इंदौर में सफाईकर्मी रही हैं। रोहिणी चार भाई-बहनों में सबसे बड़ी हैं, जिनमें एक बहन दंत चिकित्सक और दूसरी विधि स्नातक हैं।
चंद्रशेखर आज़ाद रावण का परिचय
चंद्रशेखर आज़ाद रावण का जन्म 3 दिसंबर 1986 को सहारनपुर, उत्तर प्रदेश में हुआ। उन्होंने हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय से एलएलबी की पढ़ाई की। 2015 में उन्होंने भीम आर्मी की स्थापना की और 2017 के सहारनपुर हिंसा के बाद राष्ट्रीय ध्यान आकर्षित किया। 2020 में उन्होंने आज़ाद समाज पार्टी (कांशी राम) बनाई। 2024 में लोकसभा चुनाव में नागिन सीट जीतकर वे सांसद बने। उनकी पत्नी का नाम वंदना कुमारी है।
रोहिणी-चंद्रशेखर विवाद की कहानी
रोहिणी ने चंद्रशेखर के खिलाफ पिछले तीन महीनों में एनसीडब्ल्यू और दिल्ली पुलिस में यौन उत्पीड़न और धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई। उनका दावा है कि 2019 में पीएचडी के दौरान वे स्विट्ज़रलैंड में चंद्रशेखर से मिलीं और तीन साल तक संबंध में रहीं। बाद में रोहिणी ने आरोप लगाया कि चंद्रशेखर ने उन्हें अविवाहित होने का झूठा वादा कर शारीरिक रूप से शोषित किया। चंद्रशेखर ने कानूनी कार्रवाई करने की बात कही है।