बिहार में सीएम कौन? NDA विधायक दल की बैठक में जल्द होगा बड़ा फैसला

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने जबरदस्त जीत हासिल की है और अब वह बिहार की सबसे बड़ी पार्टी बन गई है। भाजपा के खाते में कुल 89 सीटें आई हैं, जबकि नितीश कुमार की जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) को 85 सीटें मिली हैं। चुनाव के दौरान विपक्ष लगातार एनडीए पर निशाना साधता रहा कि उसने नितीश कुमार को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित नहीं किया। अब जब एनडीए ने सरकार बनाई है, तो बिहार के मुख्यमंत्री पद को लेकर सियासी चर्चाएं तेज हो गई हैं।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल के बयान
भाजपा के बिहार प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने टीवी9 भारतवर्ष से बातचीत में कहा कि जनवरी से ही जब वे क्षेत्र में घूम रहे थे और प्रधानमंत्री के रैलियों में हिस्सा ले रहे थे, तब से ही माहौल भाजपा के पक्ष में था। उन्होंने कहा कि सभी पार्टियां अब अपने-अपने नेताओं का चयन करेंगी और एनडीए की पांच पार्टियां मिलकर विधान सभा दल का नेता चुनेंगी। अगले एक-दो दिनों में भाजपा विधान सभा दल की बैठक होगी, जिसमें दिल्ली से केंद्रीय पर्यवेक्षक भी आएंगे।

मुख्यमंत्री पद की घोषणा जल्द होगी
दिलीप जायसवाल ने बताया कि एक-दो दिनों में स्पष्ट हो जाएगा कि बिहार के मुख्यमंत्री पद पर नितीश कुमार ही रहेंगे या कोई और नेता इस पद पर आसीन होगा। सभी विजेता विधायक पटना आएंगे और एक-दूसरे को बधाई देंगे। उन्होंने यह भी कहा कि उपमुख्यमंत्री के पद का निर्णय केंद्रीय नेतृत्व करेगा। प्रदेश भाजपा का इस मामले में कोई दखल नहीं होगा। पूरी प्रक्रिया केंद्रीय नेतृत्व की ओर से संचालित होगी।
महागठबंधन का दबाव था केवल मानसिक
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने महागठबंधन पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके नेता शुरू से ही हार मान चुके थे और केवल मानसिक दबाव बनाने की कोशिश कर रहे थे। उन्होंने बताया कि विपक्षी नेता चुनाव आयोग और अधिकारियों पर दबाव बनाने के लिए तरह-तरह के आरोप लगाते रहे ताकि वोटिंग और मतगणना में धांधली की जा सके। लेकिन इस बार जनता ने सबको जवाब दे दिया।
बिहार की राजनीति में नई चुनौतियां और संभावनाएं
भाजपा की यह प्रचंड जीत बिहार की राजनीति में नए अध्याय की शुरुआत है। मुख्यमंत्री पद के लिए सस्पेंस बने हुए हैं, लेकिन यह तय है कि एनडीए की सरकार मजबूती से काम करेगी। नितीश कुमार और भाजपा के बीच गठबंधन की नई रणनीतियां तैयार होंगी। आने वाले दिनों में बिहार के विकास और प्रशासन के लिए नए फैसले होंगे, जो पूरे राज्य को आगे बढ़ाने में मददगार साबित होंगे। जनता की उम्मीदें बढ़ी हैं और अब सभी की नजरें मुख्यमंत्री पद की घोषणा पर टिकी हैं।