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कौन होगा हरियाणा भाजपा का नया अध्यक्ष? पार्टी ने कर दिया लिफाफे में बंद 1 नवंबर से पहले पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष के नाम का बंद लिफाफा खुलना लगभग तय

कौन होगा हरियाणा भाजपा का नया अध्यक्ष? पार्टी ने कर दिया लिफाफे में बंद 1 नवंबर से पहले पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष के नाम का बंद लिफाफा खुलना लगभग तय

Satyakhabarindia

हरियाणा भाजपा को जल्द ही नया प्रदेश अध्यक्ष मिलने वाला है। भाजपा हाईकमान ने मोहनलाल बडोली को बदलने का मन बना लिया है। सूत्रों की मानें तो भाजपा हाईकमान ने नए प्रदेश अध्यक्ष के नाम को भी तय करके एक लिफाफे में बंद कर दिया है और किसी शुभ मुहूर्त में उस लिफाफे को खोल दिया जाएगा।

भाजपा हाईकमान अक्सर जब प्रदेश अध्यक्ष के नाम का ऐलान करती है तो उससे पहले प्रदेश अध्यक्ष रहे व्यक्ति की जाति से दोबारा अध्यक्ष नहीं बनाती है। एक दो मौकों पर पार्टी ने उसी जाति के दूसरे नेता को इस पद पर बैठाया है। मोहनलाल बडोली से पहले नायब सैनी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष थे और उनसे पहले ओमप्रकाश धनखड़ पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष होते थे। धनखड़ से पहले सुभाष बराला, रामविलास शर्मा, कृष्णपाल गुर्जर, आत्म प्रकाश मनचंदा इस पद पर रहे हैं। मोहनलाल बडोली को 9 जुलाई 2024 को हरियाणा भाजपा का अध्यक्ष बनाया गया था। पिछला विधानसभा चुनाव पार्टी ने मोहनलाल बडोली के नेतृत्व में लड़ा था। जिसमें पार्टी ने अपने बलबूते पर बहुमत हासिल किया था।

हालांकि मोहनलाल बडोली का कार्यकाल अभी पूरा नहीं हुआ है लेकिन सूत्र बताते हैं कि पार्टी हाईकमान ने मोहनलाल बडोली को बदलने का फैसला कर लिया है। हरियाणा भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए एक दर्जन से ज्यादा नामों की चर्चा राजनीतिक गलियारों में चल रही है। सूत्रों का कहना है कि हरियाणा दिवस से पहले पार्टी नए प्रदेश अध्यक्ष के नाम का ऐलान कर देगी। यह काम अगले दो-तीन दिन में किए जाने की भी उम्मीद की जा रही है। बंद लिफाफे में किसका नाम है यह तो किसी को भी नहीं पता है लेकिन प्रदेश में भाजपा के क्षेत्र में अनेक नामों की चर्चा चल रही है।

जाट और गैर जाट का कांबिनेशन

सूत्र बताते हैं कि मोहनलाल बडोली की जगह पार्टी के प्रदेश महामंत्री और कार्यालय प्रभारी सुरेंद्र पूनिया के नाम की सबसे ज्यादा चर्चा है। जाट समुदाय से आने वाले सुरेंद्र पूनिया को पार्टी प्रदेश अध्यक्ष बनाकर भाजपा में जाट और गैर जाट दोनों को एक साथ साधने का काम कर सकती है। वर्तमान में गैर जाट समुदाय से आने वाले नायब सिंह सैनी प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं और पार्टी अब सुरेंद्र पूनिया को प्रदेश अध्यक्ष बनाकर जाट समुदाय को यह संकेत देना चाहती है कि पार्टी की नजरों में जाट समुदाय का भी उतना ही महत्व है जितना गैरजाट का।‌

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हरियाणा में भाजपा की अपने बलबूते पर सरकार अक्टूबर 2014 में पहली बार बनी थी। तब 26 अक्टूबर 2014 को मनोहर लाल खट्टर ने हरियाणा में भाजपा के पहले मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। हरियाणा भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष उसे समय रामविलास शर्मा होते थे। पार्टी ने 26 नवंबर 2014 को सुभाष बराला को प्रदेश अध्यक्ष बनाने का काम किया। सुभाष बराला 19 जुलाई 2020 तक हरियाणा भाजपा के अध्यक्ष रहे।

 

इसी दिन पार्टी ने एक बार फिर प्रदेश में जाट और गैर जाट का कांबिनेशन बनाते हुए ओमप्रकाश धनखड़ को पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष बनाने का काम किया। ओमप्रकाश धनखड़ 28 अक्टूबर 2023 तक पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष रहे। पार्टी ने इस दिन नायब सैनी को प्रदेश अध्यक्ष बनाकर पहली बार प्रदेश में दोनों महत्वपूर्ण पद गैर जाट को सपना का काम किया। ‌28 अक्टूबर 2023 से अब तक मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष दोनों ही पद गैर जाट समुदाय के पास हैं। पार्टी एक बार फिर सुरेंद्र पूनिया के रूप में यहां जाट और गैर जाट का कांबिनेशन बनाने का काम कर सकती है।

पंजाबी समुदाय में दावेदार

बात अगर पंजाबी समुदाय से की जाए तो पूर्व सांसद संजय भाटिया और विधायक जगमोहन आनंद के नाम की चर्चा है। माना जाता है कि पार्टी प्रदेश अध्यक्ष पद पर पंजाबी समुदाय को बैठाकर पंजाबी समुदाय के वोट बैंक पर अपना वर्चस्व स्थापित कर सकती है। हरियाणा में मनोहर लाल खट्टर के रूप में जब पार्टी ने अपना पहला मुख्यमंत्री दिया तो पंजाबी समुदाय का वोट बैंक सीधे-सीधे भाजपा के साथ जुड़कर खड़ा हो गया था। पिछले चुनाव में इस वोट बैंक में मामूली सेंध लगी है। पार्टी पंजाबी समुदाय से पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष देकर एक बार फिर पंजाबी समुदाय को एकमुश्त अपने साथ करने का काम कर सकती है।

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अग्रवाल समाज के दावेदार

अग्रवाल समाज से असीम गोयल और दीपक मंगला के नाम की चर्चा है। दोनों नेताओं ने पार्टी में विभिन्न पदों पर काम किया है और असीम गोयल हरियाणा में मंत्री भी रहे हैं। अग्रवाल समाज को पार्टी ने पिछले चुनाव में टिकट काफी कम दी थी और फिलहाल केवल विपुल गोयल और घनश्याम सर्राफ के रूप में दो विधायक भाजपा में अग्रवाल समाज से हैं। पार्टी अग्रवाल समाज से प्रदेश अध्यक्ष बनाकर अग्रवाल समाज के लोगों को पार्टी के साथ जोड़ने का काम कर सकती है।

अजय गौड भी हो सकते हैं प्रदेश अध्यक्ष

अगर पार्टी ने ब्राह्मण समाज से एक और प्रदेश अध्यक्ष देने का फैसला किया तो अजय गौड के नाम की चर्चा है। अजय गौड पार्टी संगठन में एक मजबूत नाम है और पार्टी उनके नाम पर दांव खेल सकती है। इसे ब्राह्मण समाज का वोट बैंक पार्टी के साथ लगातार खड़ा रह सकता है।

कृष्ण बेदी के नाम की चर्चा

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अब जबकि हरियाणा भाजपा के अध्यक्ष को बदले जाने की चर्चा है तो ऐसे में अनुसूचित जाति वर्ग से आने वाले और विशेष रूप से डीएससी वर्ग से आने वाले कृष्ण बेदी के नाम की भी चर्चा है। सूत्रों की माने तो जब मोहनलाल बडोली को प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया उस समय भी कृष्ण बेदी को प्रदेश अध्यक्ष बनाया जा सकता था लेकिन कृष्ण बेदी ने चुनावी मैदान में उतरकर चुनाव लड़ने को प्राथमिकता दी थी। वर्तमान में कृष्ण बेदी सामाजिक न्याय एवं आधिकारिता मंत्रालय संभाल रहे हैं। पार्टी ने उनके नाम की चिट्ठी निकाली तो कृष्ण बेदी प्रदेश अध्यक्ष बनेंगे लेकिन सूत्र बताते हैं कि वह सरकार में रहकर काम करने में ज्यादा इंटरेस्टेड हैं।

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