चढूनी ने की धान खरीद घोटाले की CBI जांच की मांग बोले, पिछले साल से कम उत्पादन, फिर अधिक खरीद कैसे
चढूनी ने की धान खरीद घोटाले की CBI जांच की मांग बोले, पिछले साल से कम उत्पादन, फिर अधिक खरीद कैसे

कुरुक्षेत्र की जाट धर्मशाला में भारतीय किसान यूनियन चढूनी ग्रुप की प्रदेश स्तरीय बैठक में धान घोटाले की सीबीआई जांच की मांग की। साथ में डीएफएससी के निलंबन की पुरजोर मांग उठाई। इस दौरान भाकियू राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि डीएसएससी पर अब तक कार्रवाई नहीं करने से किसानों में रोष है और यदि यह कार्रवाई नहीं की गई तो किसान संगठन कड़े कदम उठाने पर विवश होगा। वहीं, उन्होंने मुख्यमंत्री की ओर से मंडियों से जुड़े 5 अधिकारियों को निलंबन करने पर स्वागत किया और कहा कि सारा ही महकमा भ्रष्ट है और सभी कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाना चाहिए तभी भ्रष्टाचार पर रोक लगेगी
भाकियू राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि उत्पादन पिछले साल से 25 से 30 प्रतिशत कम है फिर भी धान उससे अधिक कैसे खरीदा गया। उन्होंने कहा कि यह बेहद गंभीर मामला है और इस मामले की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। क्योंकि उत्तर प्रदेश में अन्य राज्यों से धान और चावल आ रहा है और उसमें बड़ी धांधलेबाजी की बू आ रही है। डीएफएससी के निलंबन को लेकर बैठक में आए लोगों ने जाट धर्मशाला से देवीलाल चौक तक रोष मार्च भी निकाला और प्रशासन को ज्ञापन भी दिया।
थप्पड़ कांड के बाद हुई यह पहली बैठक
कुरुक्षेत्र के लघु सचिवालय में गुरनाम सिंह चढूनी ने 16 अक्टूबर को जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक राजेश आर्य को सरेआम थप्पड़ मार दिया था। इस घटना के बाद भारतीय किसान यूनियन की यह पहली बैठक थी। 2 घंटे चली इस बैठक में किसानों में काफी रोष देखा गया। किसानों का कहना था कि अधिकारी धान की खरीद में जबरदस्त तरीके से घपलेबाजी कर रहे हैं और सरकार इस मामले में मुकदर्शक बनी हुई है।
भाकियू मनाएगी किसान आंदोलन की पांचवी वर्षगांठ
भाकियू ने फैसला क्या है कि किसान आंदोलन की पांचवी वर्षगांठ के अवसर पर एक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। जिसमें प्रदेश भर के किसानों को बुलाया जाएगा।