Haryana News: IPS अफसर की सुसाइड में करप्शन का एंगल, दो पूर्व IPS अधिकारियों के नाम भी चर्चा में आया

Haryana News: हरियाणा के सीनियर IPS और ADGP वाई पूरन कुमार की आत्महत्या के पीछे करप्शन का एंगल सामने आया है। पूरन कुमार की सुसाइड के पीछे की वजह रोहतक में उनके गनमैन सुशील पर दर्ज रिश्वत केस को माना जा रहा है। गनमैन को शराब ठेकेदार से ढाई लाख रुपए मंथली रिश्वत मांगने पर केस दर्ज कर गिरफ्तार किया गया था। रोहतक के SP नरेंद्र बिजारणिया ने पुष्टि की कि सुशील ने पूछताछ में IG पूरन कुमार का नाम लिया था।
बताया जाता है कि पूरन को कुछ दिन पहले रोहतक रेंज IG की फील्ड ड्यूटी से हटाकर पुलिस ट्रेनिंग सेंटर लगा दिया गया था, जिसे विभाग में पनिशमेंट पोस्ट के तौर पर माना जाता है। यह भी कहा जाता है कि ADGP वाई पूरन कुमार को इस मामले की जानकारी ऊपर जाने के बाद ही फील्ड ड्यूटी से हटाकर पुलिस ट्रेनिंग सेंटर लगाया गया था।

चंडीगढ़ पुलिस ने अभी सुसाइड की वजह स्पष्ट नहीं की है। पुलिस ने इतना जरूर कहा कि पूरन कुमार के शव के पास से पुलिस को वसीयत और 8 पेज का फाइनल नोट मिला है। हालांकि सुसाइड से पहले IG ने उसमें क्या लिखा, इसके बारे में पुलिस ने डिटेल्स शेयर नहीं की हैं।
पूरन की खुदकुशी का पता चलने पर यह भी चर्चा रही कि वहां से सुसाइड नोट मिला है। जिसमें एक मौजूदा सीनियर IPS और 2 पूर्व IPS अफसरों के नाम हैं। हालांकि अभी तक किसी ने इस बारे में पुष्टि नहीं की है। चंडीगढ़ पुलिस ने भी औपचारिक मीडिया रिलीज में इतना कहा कि उनसे वसीयत के अलावा फाइनल नोट मिला है, इसे सुसाइड नोट माना जा रहा है या नहीं, इसके बारे में पुलिस ने कुछ नहीं कहा।
रोहतक के सेक्टर 2 के रहने वाले शराब ठेकेदार प्रवीन बंसल ने शिकायत दी थी कि IG पूरन कुमार का गनमैन सुशील कुमार 2 से ढाई लाख रुपए की मंथली रिश्वत मांग रहा है। सबूत के तौर पर उसने सीसीटीवी और कॉल की रिकॉर्डिंग भी सौंपी थी। उसने इस बारे में कई बार शिकायत दी। उस वक्त वाई पूरन कुमार रोहतक रेंज के IG थे। मगर, कार्रवाई नहीं हुई। इसी बीच 29 सितंबर को पूरन को रोहतक IG से हटाकर पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज (PTC), सुनारिया में लगा दिया गया। इसके बाद रोहतक के अर्बन एस्टेट थाने में यमुनानगर के रहने वाले गनमैन सुशील कुमार के खिलाफ करप्शन के मामले में FIR नंबर 319 दर्ज कर ली गई। रोहतक SP का दावा है कि सुशील ने पूछताछ में वाई पूरन कुमार का नाम लिया था।