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Haryana Crime : हरियाणा के रोहतक जिले के गांव बलियाणा में ₹500 के लिए तीन मर्डर हो चुके हैं। ₹500 के उधार खाते से शुरू हुई रंजिश अभी खत्म नहीं हुई है। यह रंजिश अब और बढ़ गई है। गांव में पुलिस तैनात की गई है और गांव में शांति बनाने का प्रयास किया जा रहा है। कल रात को गांव में मृतक बाप बेटे धर्मवीर और दीपक का अंतिम संस्कार कर दिया गया। संस्कार के लिए पुलिस जेल से सचिन उर्फ सागर को लेकर शमशान घाट पहुंची थी। हाथों में हथकड़ी और पैरों में बेड़ियां लगे सचिन उर्फ सागर ने सार्वजनिक रूप से चेतावनी दी कि वह अपने आप और भाई की हत्या का बदला जरूर लेगा।
जेल में बंद सचिन को पिता व भाई के अंतिम संस्कार में शामिल करने के लिए बेड़ियों में श्मशान घाट लाया गया। जहां भाई और पिता की लाश देखकर सागर आपा खो बैठा। पुलिस की मौजूदगी में ही जोर-जोर से रुक्के मारकर बोलने लगा। उंगली दिखाते हुए कहा- मैं सचिन उर्फ सागर ऐलान करता हूं कि जेल से बाहर आकर इन दोनों की हत्या का बदला जरूर लूंगा। बदला भी ऐसा लूंगा कि सारा गांव देखता रह जाएगा। अगर किसी में दम है तो मुझे रोक कर दिखा दे।
कहां से शुरू हुआ मामला
गांव बलियाणा निवासी जगबीर गांव में जनरल स्टोर चलाता था। गांव के लोगों के साथ उधार खाता भी चलता था। इन्हीं में से एक था सचिन उर्फ सागर। सागर अकसर जगबीर की दुकान से छोटा-मोटा जरूरत का सामान लेता और पैसे खाते में लिखने को कहता। सागर की कुछ बदमाश किस्म के युवकों से दोस्ती हो गई तो गांव में उसकी छवि खराब होने लगी। एक क्रिमिनल केस में उसे जेल भी जाना पड़ा। इस दौरान उसकी सुनारियां के कुछ युवकों से दोस्ती हो गई। जेल से बाहर आने के बाद सुनारिया के युवकों व सचिन के बीच उठना बैठना शुरू हो गया। सचिन ने गांव सुनारियां निवासी राहुल के साथ भी दोस्ती गहरी होती गई।
जगबीर का राहुल के साथ झगड़ा चल रहा था। गांव के लोग बताते हैं कि राहुल तो दुकानदार जगबीर से खार खाए ही बैठा था। अब दोस्ती निभाने को सागर भी जगबीर की तरफ तिरछी नजर डालने लगा था। बात 22 मई 2023 की है। जगबीर ने दुकान का हिसाब-किताब लगे के बाद सागर के खाते में करीब 500 रुपए की उधारी देखी। जगबीर ने सागर को 500 रुपए चुकाने को कहा। यह बात सागर को चुभ गई और अपमान महसूस किया। उसी दिन जगबीर की गोली मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस के मुताबिक जगबीर की हत्या में 3 लोग शामिल थे, जिसमें गांव के ही धर्मबीर का बड़ा बेटा सचिन उर्फ सागर, गांव सुनारिया का राहुल उर्फ चेता और एक नाबालिग आरोपी था। आरोपियों को जेल भेज दिया था।
एक हत्या के बदले दो हत्या
जगबीर का परिवार बदला लेने का मौका तलाश रहा था जगबीर के मर्डर केस में सागर को जेल हो गई। लेकिन जगबीर के परिजन इससे शांत नहीं हुए। उनके भीतर गुस्से की आग धधकती रही। वे लगातार मौका तलाश रहे थे कि कब हत्या का बदला लें। वारदात के समय सागर का छोटा भाई दीपक दोस्तों के साथ चौकीदार की बैठक में था। जबकि सागर का पिता धर्मबीर अपने घर पर था।
सीसीटीवी में दिखा कि शनिवार को 5 युवक आए। पहले ये उस घर में गए जहां दीपक बैठा था। वहां घुसते हुई दीपक से पूछा पिता का नाम क्या है। जैसे ही उसने धर्मबीर बताया, तभी उसकी छाती में गोली मार दी। इसके बाद उन्होंने धर्मवीर को भी गोली मार दी। इसके बाद आरोपी फरार हो गए। हालांकि आते और जाते समय वे सीसीटीवी में कैद हो गए। FIR में जगबीर के भाई सचिन का नाम भी है।
2 घंटे की पैरोल और दो को मुखाग्नि
जेल से सचिन को लेकर आई पुलिस, रात में करवाया अंतिम संस्कार गांव बलियाना में पिता-पुत्र की हत्या करने के मामले में पुलिस मृतक धर्मबीर के बड़े बेटे सचिन उर्फ सागर को रात के समय जेल से 2 घंटे की पैरोल पर बाहर लेकर आई। गांव के श्मशान घाट में रात को ही एक ही चिता पर पिता-पुत्र का अंतिम संस्कार करवाया गया। पुलिस की हथकड़ी में बंधे हुए ही सचिन ने पिता व भाई को मुखाग्नि दी। इसके बाद जोर-जोर से चिल्लाकर बदला लेने की बात कही।