खाकी हुई दागदार, गुरुग्राम क्राइम ब्रांच का ASI राजस्थान में रिश्वत लेते काबू हरियाणा पुलिस की सरकारी गाड़ी से छह लाख मिले, होगी कार्रवाई
खाकी हुई दागदार, गुरुग्राम क्राइम ब्रांच का ASI राजस्थान में रिश्वत लेते काबू हरियाणा पुलिस की सरकारी गाड़ी से छह लाख मिले, होगी कार्रवाई

Satya Khabar Sirsa
Haryana Police : हरियाणा पुलिस को पिछले दिनों एक रिपोर्ट में हरियाणा का सबसे भ्रष्ट विभाग बताया गया था और हरियाणा पुलिस ने राजस्थान में इसे साबित कर दिया है, जिससे खाकी एक बार फिर दागदार हो गई है।
जोधपुर और राजसमंद में हरियाणा से आई पुलिस की टीमों ने साइबर फ्राड के आरोपियों को धमकाकर 9 लाख रुपए वसूले। अजमेर की ACB टीम ने हरियाणा पुलिस की गाड़ी से कुचामन-डीडवाना में 6 लाख बरामद किए। इससे कुछ देर पहले जोधपुर ACB की टीम ने गुड़गांव क्राइम ब्रांच के ASI को तीन लाख रुपए लेते रंगे हाथों पकड़ा था।
ACB को इनपुट मिला था कि गुरुग्राम और सिरसा से दो टीमें जोधपुर और राजसमंद आई हैं। ये टीमें आरोपियों को धमकाकर रुपए वसूल कर रही हैं। ACB एसपी महावीर सिंह ने बताया- सिरसा थाने की साइबर टीम राजसमंद से आ रही थी। गाड़ी में सिरसा साइबर क्राइम थाने के SI सुरेंद्र सिंह भी बैठे हुए थे। कुचामन सिटी थाना क्षेत्र के त्रिशिंगिया में कार (HR24GV 2222) को रोककर तलाशी ली गई। कार से 6 लाख रुपए बरामद हुए।
राशि के बारे में जब उनसे पूछा गया तो वे कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। राशि को संदिग्ध मानते हुए जब्त कर लिया गया है। कार्रवाई की रिपोर्ट मुख्यालय भेजी गई है। फिलहाल किसी की गिरफ्तारी नहीं की गई है।
ASI मदद के लिए 3 लाख लेते पकड़ा
ACB के महानिदेशक गोविंद गुप्ता ने बताया, ACB की जोधपुर ग्रामीण इकाई को एक शिकायत मिली थी। शिकायत में बताया गया था कि हरियाणा पुलिस का ASI प्रवीण एक मामले में मदद करने और पुलिस रिमांड में परेशान न करने के बदले 3 लाख रुपए की डिमांड कर रहा है। ACB की जोधपुर ग्रामीण इकाई ने शिकायत मिलने के बाद तुरंत कार्रवाई करते हुए जाल बिछाया। योजना के अनुसार, परिवादी को रिश्वत की रकम के साथ भेजा गया और जैसे ही प्रवीण ने 3 लाख रुपए की रिश्वत ली, ACB टीम ने उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पारस सोनी ने बताया कि परिवादी का मामा वाहन चोरी से संबंधित मामले में क्राइम ब्रांच की कस्टडी में है। पीड़ित को गुरुग्राम क्राइम ब्रांच अनुसंधान के लिए जोधपुर लेकर आई थी और इसी दौरान उसे रिमांड पर परेशान नहीं करने और केस में मदद करने के नाम पर पैसे मांगे गए, जिसकी परिवादी ने कल शिकायत की थी। शिकायत सत्यापन में सही पाई गई। इसके बाद एसीबी ने ट्रैप की कार्रवाई को अंजाम दिया।