श्रम विभाग में फर्जीवाड़े पर बड़ा प्रहार मुख्यमंत्री ने बाकी 9 जिलों में भी दिए जांच के आदेश
श्रम विभाग में फर्जीवाड़े पर बड़ा प्रहार मुख्यमंत्री ने बाकी 9 जिलों में भी दिए जांच के आदेश

Satya Khabar Ambala
श्रम विभाग में वर्कस्लिप घोटाले को लेकर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शेष 9 जिलों में जांच के आदेश दिए हैं। इसकी जानकारी बुधवार को ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने दी। उन्होंने घोटाले के मामले में कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला द्वारा सरकार पर घोटाले के आरोप लगाने पर पलटवार करते हुए कहा कि सुरजेवाला हम आप लोगों की तरह घोटालों को छिपाते नहीं है, घोटाला हुआ है, उजागर हुआ है और उसकी उच्चस्तरीय जांच कराने के लिए मुख्यमंत्री को लिखा है।
अगस्त 2023 से मार्च 2025 के बीच जारी ऑनलाइन वर्कस्लिपों का भौतिक सत्यापन किया गया। अब तक 13 जिलों करनाल, रेवाड़ी, नूंह (मेवात), महेंद्रगढ़, गुरुग्राम, झज्जर, पलवल, पानीपत, रोहतक, सोनीपत, पंचकूला, सिरसा और कैथल में 100 प्रतिशत सत्यापन पूरा हो चुका है। इन जिलों में कुल 5,99,758 वर्कस्लिपें जारी हुई थीं, जिनमें से सिर्फ 53,249 वर्क स्लिपें वैध पाई गईं, जबकि 5,46,509 वर्कस्लिपें पूरी तरह अवैध निकलीं।
सिर्फ वर्कस्लिप ही नहीं, श्रमिक पंजीकरण
में भी बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया। कुल 2,21,517 पंजीकरणों में से सत्यापन के बाद केवल 14,240 श्रमिक ही पात्र पाए गए, जबकि 1,93,756 पंजीकरण फर्जी निकले। अनिल विज ने बताया कि कई जगहों पर पूरे गांव के गांव फर्जी श्रमिक बनाकर सरकारी योजनाओं का लाभ उठाया गया।
मुख्यमंत्री ने आदेश में कहा है कि शेष नौ जिलो में भी तुरंत जांच पूरी की जाए ताकि इस मामले में कोई फैसला लिया जा सके। मंत्री अनिल विज ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान सुरजेवाला पर तंज कसते हुए कहा कि इस मामले में सुरजेवाला बीच में कहां से आ गए। हो सकता है कि यह मामला कांग्रेस के समय का हो, यह गड़बड़ी कब से हुई है, यह अभी पता नहीं लगा और किसके समय का है, यह भी पता नहीं लगा है। वहीं, वर्ष 2026 को लेकर अपने विभागों में नए रोडमैप के प्रश्न पर ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि यहां हर दिन नया होता है, हर दिन कुछ न कुछ नया सरकार में किया जाता है। यही कारण है कि तीसरी बार हरियाणा की जागरूक जनता ने भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनाई। ऐसा पहली बार हुआ है क्योंकि ये सरकार काम करने वाली सरकार है।
अरावली विवाद में दीपेंद्र हुड्डा पर पलटवार
अरावली के मुद्दे पर सांसद दीपेंद्र हुड्डा के आरोप कि यह सारा खेल साढ़े 10 हजार करोड़ चंदे के लिए हो रहा है जिस पर पलटवार करते हुए ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि दीपेंद्र हुड्डा बिना आधार के बातें कर रहे हैं। अरावली में जो हुआ वह सुप्रीम कोर्ट ने किया और अपने फैसले पर रोक भी सुप्रीम कोर्ट ने लगाई है। इसका मतलब यह है कि ये सुप्रीम कोर्ट पर आरोप लगा रहे हैं। अगर यह कह रहे हैं कि यह फैसला इतने पैसे के लिए हुआ है तो ये क्या सुप्रीम कोर्ट पर आरोप लगा रहे हैं।