क्रॉस वोटिंग करने वाले विधायकों पर कार्रवाई के बाद अब कांग्रेस में अंतर्कलह की संभावना
जिस पार्टी के प्रति मैं हमेशा वफादार रहा, उसने मुझे निलंबन का 'इनाम' दिया : जरनैल सिंह

सत्य खबर हरियाणा
Infighting in Congress : कांग्रेस ने क्रॉस वोटिंग करने वाले अपने पांच विधायकों को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया है। इसके बाद अब पार्टी में अंतर्कलह और तेज होने की संभावना बनने लगी है।

पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि पार्टी में अनुशासन सर्वोपरि है और किसी भी स्तर पर अनुशासनहीनता को स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि यह निर्णय सभी नेताओं एवं कार्यकर्ताओं के लिए एक स्पष्ट संदेश है कि पार्टी के सामूहिक निर्णयों और अधिकृत रुख के विरुद्ध किसी भी प्रकार की गतिविधि पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
बादली से कांग्रेस विधायक कुलदीप वत्स ने पार्टी हाईकमान के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यह निर्णय भले ही देर से लिया गया हो, लेकिन इससे पार्टी के आम कार्यकर्ताओं का मनोबल मजबूत होगा। कुलदीप वत्स ने कहा कि वह पार्टी के प्रभारी बीके हरिप्रसाद, नेता प्रतिपक्ष चौधरी भूपेंद्र सिंह हुड्डा और हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह के आभारी हैं, जिन्होंने संगठन के हित में यह महत्वपूर्ण कदम उठाया। उन्होंने कहा कि पार्टी अनुशासन बनाए रखना बेहद जरूरी है और इस तरह के फैसले संगठन को मजबूती प्रदान करते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस कार्रवाई के बाद पार्टी में एकजुटता और मजबूत होगी तथा भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं होगी। उन्होंने अंत में कहा कि यह फैसला पूरी तरह से पार्टी हित में है और इससे कांग्रेस संगठन को नई ऊर्जा मिलेगी।
निलंबित विधायकों में से एक जरनैल सिंह ने पार्टी के नेतृत्व पर गंभीर सवाल खड़े किए और इसे एकतरफा कार्रवाई करार दिया। विधायक जरनैल सिंह ने कहा कि पार्टी ने उनके साथ ‘धक्का’ किया है। उन्होंने बताया कि पार्टी की ओर से उन्हें नोटिस भेजा गया था जिसका उन्होंने विधिवत जवाब भी दिया था। इसके बावजूद, उनकी बात सुने बिना ही उन्हें निलंबित कर दिया गया। हाईकमान को चाहिए था कि वे हमें बुलाते और हमारा पक्ष सुनते। जिस पार्टी के प्रति मैं हमेशा वफादार रहा, उसने मुझे यह ‘इनाम’ दिया है। अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए जरनैल सिंह ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर तीखा तंज कसा। उन्होंने कहा कि हुड्डा ने उन्हें उनकी वफादारी का यह सिला दिया है। जरनैल सिंह ने भावुक होते हुए कहा कि उन्होंने बीते 20 वर्षों से रतिया में खून-पसीना एक करके कांग्रेस को मजबूत किया है और आज पार्टी को ऊंचाइयों पर पहुंचाया है। विधायक ने अपनी ताकत का एहसास करवाते हुए कहा कि रतिया के 87 हजार मतदाताओं ने उन्हें चुनकर विधानसभा भेजा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे अभी भी खुद को कांग्रेस का सिपाही मानते हैं। अगर उन्हें सस्पेंड करने का आधिकारिक पत्र मिलता है, तो वे सीधे अपने समर्थकों और क्षेत्र की जनता के बीच जाएंगे। जनता और समर्थकों से राय-मशवरा करने के बाद ही वे अपनी अगली राजनीतिक रणनीति तय करेंगे। जरनैल सिंह ने कहा कि वे इस मुद्दे को लेकर पार्टी हाईकमान से भी मुलाकात करेंगे।
हथीन विधायक मोहम्मद इसराइल ने कहा, इलाके के लोगों की भलाई के लिए क्रॉस वोट किया था। कांग्रेस का राज्यसभा का उम्मीदवार पसंद नहीं था। देश में लोकतंत्र है और कोई किसी को भी अपना वोट दे सकता है। उन्होंने कहा कि हाईकमान का फैसला मंजूर है। पार्टी ने भले ही उनको निलंबित कर दिया हो, लेकिन मैं लोगों की भलाई के लिए काम करता रहूंगा। किसी दूसरी पार्टी में जाने का मन में विचार नहीं है। इलाके के लोगों को एकत्रित करूंगा। जनता जो फैसला लेगी उसी से आगे बढ़ेंगे।
कांग्रेस पार्टी से निलंबन किए जाने पर नारायणगढ़ से विधायक शैली चौधरी ने बताया कि अभी उन्हें इस मामले में कोई चिट्ठी पार्टी की ओर से प्राप्त नहीं हुई है। जब तक वह उन्हें नहीं मिल जाती, तब तक वह इस मामले में कुछ नहीं कह पाएंगी। उन्होंने कहा कि वह अभी अपने परिवार के साथ हरियाणा से बाहर आई हुई हैं। संडे को वह लौटेंगी।
पुन्हाना विधानसभा मोहम्मद इलियास ने कहा, पार्टी का अधिकार है, हम इसमें कुछ नहीं कह सकते, वह चाहे जो कर सकते हैं। BJP या दूसरी किसी पार्टी में शामिल होने वाले सवाल पर वे चुप्पी साध गए।
साढौरा की विधायक रेनू बाला के निजी सहायक (पीए) रवि ने बताया कि मैडम आज एक पारिवारिक कार्यक्रम में व्यस्त हैं। सस्पेंशन का आधिकारिक पत्र नहीं मिला है।
कांग्रेस के नेताओं के बयान इस बात का संकेत करते हैं कि आने वाले दिनों में कांग्रेस में गुटबाजी और अंतर्कलह और तेज होगी।
बता दें कि सस्पेंड की गईं रेनू बाला और शैली चौधरी सांसद कुमारी शैलजा की करीबी हैं। दोनों दूसरी बार विधायक बनी हैं। इन दोनों को टिकट दिलाने में शैलजा की ही भूमिका रही थी। 16 मार्च को वोटिंग के दिन शैली चौधरी विधानसभा के गेट पर सीएम नायब सैनी की टीम से जुड़े तरूण भंडारी के साथ दिखी थीं। वोटिंग के बाद मोहम्मद इलियास सीएम नायब सैनी से मिलने गए थे। इलियास लंबे समय से डायलिसिस पर हैं। दिलचस्प है कि नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा खुद उन्हें अपनी गाड़ी में बैठाकर विधानसभा तक पहुंचे थे। इससे अंदाजा लगाया गया कि हुड्डा को पहले से ही उन पर संदेह था। इलियास पांचवीं बार के विधायक हैं। पहले इनेलो में भी रहे हैं।
मोहम्मद इजराइल भी दूसरी बार विधायक बने हैं। उनके पिता जलेब खान हुड्डा सरकार में मुख्य संसदीय सचिव रहे। जबकि जरनैल सिंह भी रतिया से दूसरी बार विधायक बने हैं और उन्हें भूपेंद्र सिंह हुड्डा का नजदीकी माना जाता है। क्रॉस वोटिंग करने वालों में शैलजा के दो और भूपेंद्र सिंह हुड्डा के तीन समर्थक विधायक हैं।
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