डेरेक ओ’ब्रायन ने CRPF पर गंभीर आरोप लगाए, चुनाव आयोग से तत्काल कार्रवाई की मांग

तृणमूल कांग्रेस नेता डेरेक ओ’ब्रायन ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान मुख्य निर्वाचन अधिकारी को एक औपचारिक पत्र लिखकर केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया है कि चुनाव के दौरान तैनात केंद्रीय बलों की कुछ गतिविधियां निष्पक्षता के मानकों के खिलाफ हैं। यह पत्र ऐसे समय में सामने आया है जब राज्य में चुनावी माहौल पहले से ही काफी गर्म है और सभी दल मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिश में लगे हुए हैं।
फेसबुक वीडियो के आधार पर लगाए गए गंभीर आरोप
पत्र में उल्लेख किया गया है कि यह शिकायत सोशल मीडिया पर वायरल एक फेसबुक वीडियो के आधार पर की गई है। इस वीडियो में कुछ लोगों को यह दावा करते हुए देखा गया है कि सीआरपीएफ के जवान कथित तौर पर भाजपा उम्मीदवारों के साथ घूम रहे थे, भाजपा के पर्चे बांट रहे थे और मतदाताओं को भाजपा के पक्ष में वोट देने के लिए प्रेरित कर रहे थे। टीएमसी ने इसे गंभीर चुनावी अनियमितता बताते हुए कहा कि यह व्यवहार जनप्रतिनिधित्व अधिनियम और चुनाव आयोग के नियमों का उल्लंघन है।

मतदाताओं को प्रभावित करने और डराने का आरोप
टीएमसी ने अपने पत्र में आरोप लगाया है कि इस तरह की गतिविधियां आपराधिक धमकी और अनुचित प्रभाव की श्रेणी में आती हैं। पार्टी ने कहा कि यह व्यवहार धारा 174 के तहत अपराध की श्रेणी में आता है और इससे मतदाताओं के बीच डर का माहौल पैदा होता है। पत्र में यह भी कहा गया है कि ऐसे कार्य स्वतंत्र और निष्पक्ष मतदान के अधिकार को प्रभावित करते हैं, जो लोकतंत्र की मूल भावना के खिलाफ है।
निष्पक्षता बनाए रखने की मांग और कार्रवाई की अपील
टीएमसी ने जोर देकर कहा है कि सीआरपीएफ जैसे केंद्रीय बलों का चुनाव ड्यूटी के दौरान पूरी तरह निष्पक्ष रहना अनिवार्य है। पार्टी ने चुनाव आयोग से मांग की है कि संबंधित कर्मियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाए और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए जाएं। इसके साथ ही सभी केंद्रीय बलों को पश्चिम बंगाल में सख्ती से चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों और निष्पक्षता के नियमों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश देने की भी मांग की गई है।