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Haryana के सरकारी कॉलेज और विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय स्तर पर कोई रैंकिंग नहीं मिलने से शिक्षा विभाग में हलचल, शिक्षा विभाग तलाश रहा शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के उपाय

Satyakhabarindia

Haryana के बच्चे शिक्षा के क्षेत्र में अपने झंडा गढ़ रहे हैं लेकिन यहां के शिक्षण संस्थान देश में शिक्षण संस्थानों में किसी भी रैंक पर नहीं आ पा रहे हैं यह हरियाणा के लिए एक बड़ी समस्या है। हाल ही में NIRF ने देश भर के संस्थानों की रैंकिंग सूची जारी की है और ताज्जुब की बात यह है कि हरियाणा का एक भी सरकारी संस्थान इसमें कहीं खड़ा नजर नहीं आता है। लगता है कि हम शिक्षा क्षेत्र में देशभर के संस्थानों से पिछड़ने लगे हैं। पड़ोसी राज्य पंजाब भी हमसे कई कदम आगे निकल गया है।

शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी इंडियन रैंकिंग में प्रदेश के राज्य विश्वविद्यालय पिछड़ गए, जबकि निजी विवि चमके हैं। पहली बार सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी) के लक्ष्य के अनुसार तय की उच्चतर शिक्षा संस्थानों की 2025 इंडिया रैंकिंग में एसडीजी टॉप-10 को तो छोड़ो टॉप 100 में भी हरियाणा का एक भी संस्थान शामिल नहीं है। जबकि टॉप-50 शोध संस्थानों में इस श्रेणी में भी पंजाब के चार संस्थान शामिल हैं। स्पष्ट है कि प्रदेश का एक भी कॉलेज व विवि ऐसा नहीं है जो संपूर्णता के मानकों पर खरा उतरें।

इसके अलावा हैरानी की बात है कि लगातार छह साल से हरियाणा का एक भी संस्थान ओवरआल टॉप-100 यानि समग्र श्रेणी में अपना स्थान नहीं बना पाया है। जबकि पड़ोसी राज्य पंजाब के 6 उच्चतर शिक्षण संस्थान टॉप-100 ओवरआल रैंकिंग में शामिल हैं।

टॉप-100 प्रबंधन में चार संस्थान प्रबंधन विकास संस्थान (एमडीआइ), गुरुग्राम भारत रैंकिंग 2025 के प्रबंधन विषय में 9वें स्थान पर है। वहीं आइआइएम रोहतक 19वें, गुरुग्राम का ग्रेट लेक्स इंस्टीट्यूट आफ मैनेजमेंट 50वें, गुरुग्राम की ही बीएमएल मुंजाल यूनिवर्सिटी 77वें नंबर पर शामिल हैं।

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टॉप-100 फार्मेसी में 5 संस्थान फार्मेसी में अंबाला का महर्षि मार्कंडेश्वर 26वें स्थान पर है। रोहतक का महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय 43वें, हिसार का जीजेयू 49वें, गुरुग्राम का एमिटी यूनिवर्सिटी 62वें, गुरुग्राम का जीडी गोयनका विश्वविद्यालय 90वें व श्री गुरु गोबिंद सिंह ट्राइसेंटेनरी यूनिवर्सिटी 100वें स्थान पर है।

टॉप-100 विवि में हमारे दो संस्थान विश्वविद्यालय की बात करें तो इसमें प्रदेश के दो विवि, अम्बाला के महर्षि मार्कण्डेश्वर को 85वां और फरीदाबाद के मानव रचना अंतरराष्ट्रीय अनुसंधान एवं अध्ययन संस्थान को 96वां रैंक मिला है। पिछली बार भी यही दोनों विवि टॉप-100 में थे। स्टेट यूनिवर्सिटी श्रेणी में हिसार के जीजेयू को 32वां, कुरुक्षेत्र विवि को 35वां, एमडीयू रोहतक को 46वां रैंक मिला है। एमडीयू 11 स्थान पीछे खिसका है।

टॉप-40 विधि संस्थानों में सिर्फ एक टॉप-40 विधि संस्थानों में मात्र एक संस्थान एमिटी यूनिवर्सिटी गुरुग्राम को 39वां रैंक मिला है, यानि नीचे से दूसरा। वहीं टॉप-40 आर्किटेक्ट एंड प्लानिंग की श्रेणी में भी हरियाणा का कोई संस्थान जगह नहीं बना पाया है। जबकि इस श्रेणी में पंजाब के ही तीन संस्थान जगह बनाए हुए हैं।

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शिक्षा विशेषज्ञों की मानें तो इस गिरावट का कारण शोध का बजट नहीं बढ़ाया जाना है। l अमेरिका की तर्ज पर विवि में शोध प्राेफेसर के पद सृजित करने होंगे, जोकि शोध पर ही फोकस देंगे। l इसके अलावा उद्योगों के साथ कंसल्टेंसी भी बढ़ानी होगी। l कॉलेज-वि‍श्वविद्यालय में पेटेंट के काम में वृद्धि करनी होगी।

टॉप थ्री कौशल विवि में पलवल स्थित देश का पहला सरकारी कौशल विश्वविद्यालय तीसरे स्थान पर प्रदेश के पलवल में बना श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय (एसवीएसयू), भारत रैंकिंग-2025 की कौशल िववि की श्रेणी में तीसरे स्थान पर है। यह विवि देश का पहला सरकारी कौशल विवि है जहां दोहरा शिक्षा माडल है। यानि कक्षा सीखने का आन-साइट प्रशिक्षण, इंटर्नशिप और शिक्षुता की व्यवस्था की गई है।

कृषि क्षेत्र में करनाल का दूसरा स्थान बरकरार करनाल में स्थित आइसीएआर-राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान एवं संस्थान (एनडीआरआइ) ने भारत में कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों की रैंकिंग 2025 में लगातार तीसरे वर्ष अपना दूसरा स्थान बरकरार रखा है। हिसार का चौ. चरण सिंह कृषि विवि 10वें नंबर पर है। सोनीपत का राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी, उद्यमिता एवं प्रबंधन संस्थान 22वें स्थान पर है। हिसार का लाला लाजपत राय पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय 37वें नंबर पर है।

टॉप-40 डेंटल कॉलेज में दो हमारे रोहतक का पीजी डेंटल साइंस संस्था 12वें, फरीदाबाद का मानव रचना संस्थान 33वें नंबर पर आया है। जबकि टॉप-50 मेडिकल में हम पिछड़े हैं। इसमें अंबाला के महर्षि मार्कण्डेश्वर मेडिकल को ही 33वां स्थान मिला है। अन्य किसी मेडिकल संस्थान को टॉप-50 में जगह नहीं मिली है।

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एनआइटी 85वें स्थान पर राहत की बात है कि कृषि क्षेत्र में हमारे चार संस्थान शामिल हुए हैं, इनमें भी दो हिसार के हैं। टॉप-100 इंजीनियरिंग में कुरुक्षेत्र का राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान 85वें स्थान पर आया है। जबकि इसी श्रेणी में पंजाब के सात संस्थान शामिल हैं।

इस सूची के बाद हरियाणा का उच्चतर शिक्षा निदेशालय और तकनीकी शिक्षा विभाग हरियाणा के सरकारी कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में शिक्षा के सत्र को सुधारने के लिए उठाए जा सकने वाले उपायों पर चिंतन कर रहा है। देखने वाली बात यह होगी कि आने वाले समय में क्या इस प्रकार की रैंकिंग में हरियाणा का कोई सरकारी कॉलेज या सरकारी विश्वविद्यालय रैंकिंग में कोई स्थान बना पाता है या नहीं।

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