Haryana Power Cut: हरियाणा में बिजली कट का नया शेड्यूल हुआ जारी, अप्रैल महीने में रोजाना इतने घंटे कट रहेगी बिजली

Haryana Power Cut : हरियाणा में अप्रैल की शुरुआत के साथ ही गर्मी ने अपना रंग दिखाना शुरू कर दिया है। धूप ऐसी कि दोपहर में बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया है। पारा तेजी से ऊपर चढ़ रहा है और गांव से लेकर शहर तक हर कोई पसीने-पसीने हो रहा है। ऐसे में बिजली का कटना किसी सिरदर्द से कम नहीं लेकिन अब यही सच्चाई है जो हरियाणा के ग्रामीण इलाकों को झेलनी पड़ेगी।
जी हां हरियाणा के ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए जरूरी खबर है। बिजली विभाग (Electricity Department) ने एक नया फैसला लिया है जो 2 अप्रैल से 1 मई 2025 तक लागू रहेगा। इस दौरान गांवों में दैनिक बिजली कटौती की जाएगी। सुबह 8 बजे से लेकर शाम 6:30 बजे तक लगातार बिजली नहीं रहेगी।
क्यों हो रही है बिजली कटौती?
हर साल अप्रैल में जब गेहूं की फसल की कटाई शुरू होती है तो बिजली की मांग अचानक बढ़ जाती है। खेतों में मशीनें चलती हैं पंप सेट (Pump Set) पूरे दिन पानी निकालते हैं और साथ ही घरेलू जरूरतें भी बनी रहती हैं। इसी बढ़ती खपत को कंट्रोल करने के लिए बिजली विभाग ने ये फैसला लिया है।
बिजली सप्लाई (Power Supply) को संतुलित रखने और पूरे राज्य में लाइट ट्रिपिंग से बचने के लिए यह शेड्यूल जरूरी बताया जा रहा है। विभाग का कहना है कि अगर अभी से बिजली की खपत को कंट्रोल नहीं किया गया तो पूरे सिस्टम पर बोझ बढ़ेगा और फिर शहरी इलाके भी प्रभावित हो सकते हैं।
गांवों में सबसे ज्यादा असर
हरियाणा के गांवों में पहले ही बिजली सप्लाई बहुत दुरुस्त नहीं मानी जाती। कई बार ट्रांसफार्मर खराब हो जाते हैं या तारों में फॉल्ट आ जाता है। अब अगर रोज़ 10 घंटे से ज्यादा की कटौती होगी तो इससे खेती-बाड़ी से लेकर घरेलू कामकाज तक पर असर पड़ेगा।
खासतौर पर जिन किसानों की फसलें कटाई के लिए तैयार हैं उनके लिए ये कटौती भारी पड़ सकती है। थ्रेशर हार्वेस्टर और दूसरे एग्रीकल्चर टूल्स (Agriculture Tools) बिजली से चलते हैं और उनके बिना फसल संभालना मुश्किल हो जाता है।
विभाग ने दी है एडवांस जानकारी
हरियाणा विद्युत विभाग (Haryana Electricity Department) ने गांवों के लोगों को पहले से सूचित कर दिया है ताकि वो अपने कामों की योजना पहले से बना सकें। विभाग ने यह भी कहा है कि कोशिश की जाएगी कि शेड्यूल में किसी तरह की लापरवाही न हो और जो टाइम दिया गया है उसी के अनुसार बिजली सप्लाई ऑन-ऑफ (Electricity On-Off) हो।
विभाग ने खास तौर पर किसानों से अपील की है कि वो अपने पंप सेट और अन्य उपकरणों का इस्तेमाल शेड्यूल के बाहर के समय में करें ताकि फसल को नुकसान न हो और बिजली की बर्बादी से भी बचा जा सके।