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रात को बाहर निकलकर मांगता था खाना, फिर हो जाता था वापस बंगले में कैद

मानसिक तौर पर बीमार युवक रह रहा था सेना के जर्जर बंगले में

Satyakhabarindia

 

सत्य खबर, हरियाणा

Rescue Operation : अंबाला की सैन्य क्षेत्र के एक बंगले से खुफिया एजेंसियों ने एक 15 वर्षीय मानसिक रूप से बीमार किशोर को रेस्क्यू किया है। वह बीते 1 साल से इस जर्जर बंगले में छिपकर रह रहा था। जब खुफिया एजेंसियों ने इस किशोर को रेस्क्यू किया तो एक बार चर्चा इस बात की भी चली थी कि एजेंसियों ने एक जासूस को पकड़ा है, लेकिन अब स्थिति पूरी तरह से साफ हो चली है कि खुफिया एजेंसियों ने मानसिक तौर पर बीमार किशोर को रेस्क्यू किया है। किशोर को अस्पताल में दाखिल करवाया गया है।

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कैंट के सैन्य क्षेत्र में मॉल रोड़ पर स्थित बंगला नंबर 101 में पुलिस और सेना की खुफिया एजेंसियां पहुंचीं। यहां से वंदे मातरम् दल ने एक 15 वर्षीय किशोर का रेस्क्यू किया। यह किशोर मानसिक तौर पर बीमार है और एक साल से इस जर्जर बंगले में छिपकर रह रहा था। वह रात्रि 9 बजे बंगले से निकलता और सड़क पर लोगों से मांगकर अपना पेट भरता था। रात्रि के समय निकलने के कारण अधिक लोगों को इस मामले की जानकारी भी नहीं लग सकी थी। इस दौरान सुरक्षा को लेकर बीसी बाजार चौकी प्रभारी सुखबीर सिंह दल-बल के साथ मौजूद रहे।

वंदे मातरम् दल की टीम सुबह लगभग 11 बजे सेना के जर्जर बंगले कमरे में पुलिस की मौजूदगी में अंदर घुसी। टीम ने पहले प्रत्येक कमरे को खंगाला, अंत में टीम एक ऐसे कमरे में पहुंची, जहां छत पर सीमेंट की स्लैब बनी हुई थी, इसके बाद किशोर को नींद से जगाने के लिए आवाज लगाई गई तो वह कुछ देर बाद नींद से उठा और देखा कि उसके ईद-गिर्द पुलिस सहित काफी लोग खड़े थे, इसके बाद उसे प्यार से समझाकर स्लैब से नीचे उतारा गया और उसके सामान की तलाशी ली गई, हालांकि उसके पास किसी भी तरह का कोई भी संदिग्ध सामान व दस्तावेज बरामद नहीं हुआ।

दीवारों पर लिखे थे दो से 24 तक नंबर

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रेस्क्यू टीम को जांच के दौरान स्लैब के नजदीक लिखे कुछ नंबर भी नजर आए जोकि दो से 24 तक लिखे हुए थे। इस अलावा जब टीम किशोर को लेकर जाने लगी तो मुख्य दरवाजे के निकट ही दीवार पर कुछ मोबाइल नंबर भी अंकित थे, जिन्हें अब खुफिया एजेंसियों ने अपने मोबाइल में कैद कर लिया है ताकि इन नंबरों पर संपर्क करके पूछताछ की जा सके।
वंदे मातरम् दल के सदस्य भरत ने बताया कि कुछ दिन पहले वह अंबाला छावनी में इसी जगह के नजदीक आए थे और उन्होंने यहां से एक लावारिस आदमी को उपचार के लिए नागरिक अस्पताल में भर्ती करवाया था। इस दौरान उन्हें एक लावारिस किशोर की जानकारी मिली थी, इसके बाद बच्चे तक पहुंचने की योजना तैयार की गई और लगातार एक सप्ताह तक किशोर की रेकी गई ताकि कहीं किसी प्रकार की गलती न हो जाए।

रात 9 से 1 बजे तक रहता था बाहर

रेकी के दौरान वंदे मातरम् दल ने कुछ तथ्य भी जुटाए और स्थानीय लोगों से पूछताछ भी की। इस दौरान सामने आया कि किशोर रात 9 बजे सेना की जर्जर बंगले से बाहर निकलता था। इसके बाद वह मॉल रोड से होते हुए गोल चक्कर तक पहुंचता था और यहां होटल व दुकानों से मांगकर खाना खाता था। इसके बाद घूमने के बाद वह रात एक बजे वापस कोठी में घुस जाता था।

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