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कपूरथला जेल में कैदियों के दो गुटों में हिंसक झड़प से मचा हड़कंप

Satyakhabarindia

पंजाब के कपूरथला सेंट्रल जेल में शनिवार देर रात अचानक हालात बेकाबू हो गए जब ब्लॉक नंबर 4 में कैदियों के दो गुटों के बीच हिंसक झड़प हो गई। यह विवाद पहले मामूली कहासुनी से शुरू हुआ था लेकिन कुछ ही समय में यह बड़े संघर्ष में बदल गया। जेल प्रशासन और पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की, लेकिन हालात लगातार बिगड़ते गए। कैदियों के आक्रामक रवैये के कारण पूरे बैरक क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई और जेल परिसर तनावपूर्ण स्थिति में पहुंच गया।

छतों पर चढ़े कैदी, आगजनी और वीडियो रिकॉर्डिंग से बढ़ी गंभीरता

झड़प के दौरान करीब 40 से 50 कैदी बैरक की छत पर चढ़ गए और जमकर हंगामा किया। स्थिति और गंभीर तब हो गई जब कुछ कैदियों ने अपने कपड़ों में आग लगा दी, जिससे पूरे इलाके में धुआं फैल गया। इस दौरान कैदियों ने मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर घटना की वीडियो रिकॉर्डिंग भी की और उसे बाहर भेज दिया। यह घटना जेल सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है क्योंकि प्रतिबंध के बावजूद जेल के अंदर मोबाइल और इंटरनेट की उपलब्धता सामने आई है। कुछ वीडियो में कैदियों को यह आरोप लगाते हुए भी सुना गया कि जेल कर्मचारियों ने उनके साथ मारपीट की है।

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कपूरथला जेल में कैदियों के दो गुटों में हिंसक झड़प से मचा हड़कंप

आंसू गैस और लाठीचार्ज से काबू में आए हालात, तीन कैदी घायल

स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस और जेल प्रशासन को कड़ा कदम उठाना पड़ा। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे गए और लाठीचार्ज भी किया गया। इस कार्रवाई में एक कैदी छर्रों से घायल हो गया, जबकि कुल तीन कैदियों के घायल होने की पुष्टि हुई है। डीआईजी सिंगला ने जानकारी दी कि जैसे ही स्थिति बिगड़ी, अतिरिक्त पुलिस बल को मौके पर बुलाया गया और संयुक्त कार्रवाई के जरिए हालात को धीरे-धीरे नियंत्रण में लाया गया। अधिकारियों के अनुसार सभी कैदियों को बाद में बैरकों के अंदर बंद कर दिया गया और पूरी जेल की गिनती में कोई कैदी गायब नहीं पाया गया।

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जेल सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल, जांच में जुटा प्रशासन

इस घटना के बाद जेल सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सबसे बड़ा मुद्दा यह सामने आया है कि जेल के अंदर मोबाइल फोन और इंटरनेट की पहुंच कैसे संभव हुई, जिससे कैदी वीडियो रिकॉर्ड कर बाहर भेज सके। यह भी जांच का विषय है कि झड़प की असली वजह क्या थी, क्योंकि जेल विभाग ने अभी तक विवाद का कारण स्पष्ट नहीं किया है। एसएसपी गौरव तोरा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त करने की बात कही जा रही है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

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