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NEET पेपर लीक मामले में CBI की बड़ी कार्रवाई, पुणे में टीचर के घर छापेमारी से हड़कंप

Satyakhabarindia

NEET पेपर लीक मामले की जांच अब तेजी से आगे बढ़ती जा रही है और केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) लगातार इस पूरे नेटवर्क की परतें खोलने में जुटी है। इसी जांच के तहत पुणे से गिरफ्तार फिजिक्स टीचर मनीषा हवलदार के घर पर CBI ने छापेमारी की, जिससे पूरे मामले में नई जानकारी सामने आई है। शुरुआती जांच में संकेत मिले हैं कि यह मामला केवल कुछ लोगों तक सीमित नहीं है बल्कि इसके पीछे एक संगठित और बड़ा नेटवर्क काम कर रहा था। इस कार्रवाई के बाद शिक्षा और परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

हाथ से लिखे गए प्रश्नपत्र और सबूत मिटाने की आशंका ने बढ़ाई जांच की रफ्तार

सूत्रों के अनुसार, जांच में यह बात सामने आई है कि मनीषा हवलदार ने कुछ हैंडरिटन प्रश्नपत्र तैयार किए थे, जिन्हें बाद में संभावित रूप से नष्ट कर दिया गया। जांच एजेंसियों को शक है कि इन दस्तावेजों को जलाकर सबूत मिटाने की कोशिश की गई है। CBI अब यह पता लगाने में जुटी है कि ये प्रश्नपत्र किन लोगों तक पहुंचे और इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल हो सकता है। इस खुलासे के बाद जांच की दिशा और अधिक गंभीर हो गई है क्योंकि यह मामला सिर्फ पेपर लीक नहीं बल्कि संगठित अपराध की ओर इशारा कर रहा है।

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पति के मोबाइल से मिला ‘GOD’ नाम का नंबर, जांच में बड़ा मोड़

जांच के दौरान एक और चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है जिसमें मनीषा हवलदार के पति के मोबाइल फोन में ‘GOD’ नाम से सेव एक संदिग्ध नंबर मिला है। एजेंसियों को इस नंबर से कई संदिग्ध कॉल और चैट के संकेत मिले हैं। CBI अब यह पता लगाने में लगी है कि आखिर यह ‘GOD’ नाम का व्यक्ति कौन है और इस पूरे पेपर लीक नेटवर्क में उसकी क्या भूमिका हो सकती है। जांच अधिकारियों का मानना है कि यह व्यक्ति इस पूरे गिरोह का अहम हिस्सा या संभवतः इसका संचालनकर्ता भी हो सकता है, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।

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डिलीट किए गए चैट और डिजिटल सबूतों की रिकवरी में जुटी CBI

जांच में यह भी सामने आया है कि मोबाइल फोन से कई महत्वपूर्ण चैट और डिजिटल डेटा डिलीट किए गए हैं, जिससे एजेंसियों का शक और गहरा हो गया है। CBI अब फॉरेंसिक तकनीक की मदद से इन डिलीट किए गए डेटा और चैट लॉग को रिकवर करने की कोशिश कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि इन डिजिटल सबूतों से पूरे पेपर लीक नेटवर्क के मास्टरमाइंड तक पहुंचने में मदद मिल सकती है। फिलहाल जांच तेजी से आगे बढ़ रही है और आने वाले दिनों में इस मामले में कई बड़े और चौंकाने वाले खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

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