तय समय पर नहीं हो पाएंगे स्थानीय निकाय चुनाव जून तक टल सकते हैं निकाय चुनाव
तय समय पर नहीं हो पाएंगे स्थानीय निकाय चुनाव जून तक टल सकते हैं निकाय चुनाव

Satya Khabar,Panchkula
हरियाणा में पंचकूला, अंबाला शहर और सोनीपत नगर निगम, रेवाड़ी नगर परिषद सांपला, उकलाना और धारूहेड़ा नगर पालिका के चुनाव जून 2026 तक टल सकते हैं। धारूहेड़ा नगर पालिका का कार्यकाल जून 2025 में समाप्त हो चुका है जबकि बाकी सभी जगह कार्यकाल जनवरी 2026 में समाप्त होने वाला है। चुनाव में देरी की वजह समय पर वार्ड बंदी का काम पूरा नहीं हो पाना रहा है। सूत्रों का कहना है कि हरियाणा चुनाव आयोग सभी जगह एक साथ चुनाव करवाने के पक्ष में है।
निकाय चुनाव से पहले वार्डबंदी का काम पूरा नहीं हो पाया है। दरअसल, शहरी स्थानीय निकाय विभाग की ओर से वार्डबंदी का काम पूरा करने के लिए अंतिम तारीख 20 नवंबर तय की गई थी, लेकिन तीनों नगर निगम अंबाला, पंचकूला और सोनीपत में ये काम पूरा नहीं हो पाया है। दो नगर निगमों अंबाला और पंचकूला में वार्डबंदी को लेकर विवाद खड़े हो गए हैं। विवाद निपटाने को लेकर पंचकूला में एडहॉक कमेटी का गठन किया गया है। हालांकि कमेटी में सदस्यों को शामिल करने का मामला हाईकोर्ट तक पहुंचा हुआ है। अंबाला नगर निगम में भी ऐसा ही विवाद सामने आया था। यहां भी विपक्ष यही आरोप लगा रहा है कि कांग्रेसियों को एडहॉक कमेटी में शामिल नहीं किया गया है। सोनीपत नगर निगम में वार्डबंदी की एडहॉक कमेटी को लेकर बैठक हो चुकी है।
तीन नगर पालिकाओं उकलाना, सांपला और धारूहेड़ा तथा नगर परिषद रेवाड़ी के चेयरमैन, प्रधान पदों के आरक्षण को लेकर 1 दिसंबर को पंचकूला में ड्रा ऑफ लॉट निकाला जाएगा। इसको लेकर डिपार्टमेंट ने पत्र जारी कर दिया है।
ड्रॉ पर भी टिकी है निगाह
चुनावी प्रक्रिया में भाग लेने वालों की निगाहें मेयर पद के ड्रॉ पर टिकी हैं, क्योंकि सोनीपत के साथ ही पंचकूला और अंबाला में भी चुनाव होने हैं। इन तीनों में से एक सीट बीसी-बी महिला के लिए आरक्षित होनी है। मौजूदा समय में तीनों सीट सामान्य हैं। नौ महीने पहले ही अंबाला शहर और सोनीपत में मेयर पद के उपचुनाव हुए थे। यहां के पहले के मेयर विधायक चुने गए थे जिसके बाद यहां पर उपचुनाव करवाया गया था। ऐसे में सभी की निगाह ड्रॉ पर लगी है। अब एक सीट बीसी-बी महिला के लिए आने के कारण तीनों में से एक जगह पर मेयर दोबारा चुनाव नहीं लड़ पाएंगे।
बोर्ड की परीक्षाओं का असर
समय पर चुनाव नहीं हो पाने के बाद फरवरी से लेकर अप्रैल के बीच चुनाव की कोई संभावना नहीं बनती है। इस दौरान हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड और केंद्रीय विद्यालय शिक्षा बोर्ड की परीक्षाएं चलेंगी। इन परीक्षाओं के कारण चुनाव ड्यूटी प्रभावित होगी। ऐसे में माना जाता है कि 9 अप्रैल के बाद ही चुनाव आयोग इस पर आगे की कार्रवाई कर पाएगा। जिस कारण चुनाव जून तक जा सकता है। जनवरी में चुनाव होने पर परीक्षाएं बीच में नहीं आ रही थी लेकिन अब जबकि जनवरी में चुनाव की कोई संभावना नहीं बन रही है ऐसे में यह आगे खिसक कर जून पर जाने की उम्मीद जताई जा रही है।
फटकार का भी नहीं पड़ा असर
हरियाणा चुनाव आयोग स्थानीय निकाय चुनाव जनवरी में करवाने के हिसाब से तैयारी कर रहा है। हालांकि चुनाव आयोग ने अभी भी अपनी तैयारी को बंद नहीं किया है लेकिन बताते हैं कि आयोग ने अगस्त से ही निर्गमन के साथ पत्र व्यवहार शुरू कर दिया था। अक्टूबर तक नई वार्ड बैंक की प्रक्रिया को आबादी के अनुसार पूरा करने के निर्देश दिए थे। नगर निगमों ने मैपिंग का कार्य पहले ही कर लिया था। सर्वे के दौरान मतदाता की कॉलोनी भी लिखी गई थी ताकि वार्ड बंदी करने में परेशानी न आए। नगर निगम ने वार्ड बंदी के लिए एडीसी कार्यालय से परिवार पहचान पत्र का डाटा मांगा था लेकिन एडीसी कार्यालय ने अधूरा डाटा दिया इसके बाद 17 नवंबर को सोनीपत डीसी ने निगम के कर्मचारियों को सरकार लगाते हुए 20 नवंबर तक कार्य पूरा करने को कहा था लेकिन यह कार्य आज तक भी पूरा नहीं हो पाया है।
सरकार चुनाव को तैयार
हरियाणा के स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल का कहना है कि सरकार चुनाव के लिए पूरी तरह से तैयार है। उन्होंने कहा कि कुछ प्रशासकीय और कानूनी अड़चनों के कारण चुनाव में कुछ देरी हो सकती है।