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आधे से ज्यादा शिक्षकों ने नहीं भरी प्रॉपर्टी रिटर्न, अब रुकेगा वेतन

पहली डेट पर केवल 30% नहीं जमा करवाई थी प्रॉपर्टी रिटर्न

Satyakhabarindia

 

 

सत्य खबर हरियाणा

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Last Warning Letter Issue : हरियाणा के मौलिक शिक्षा निदेशालय ने प्रदेश के सभी जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को ऑनलाइन प्रॉपर्टी रिटर्न भरवाने को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। बार-बार दी जा रही ढील और दो बड़े रिमाइंडर (याददिलाने वाले नोटिस) जारी होने के बावजूद जिन शिक्षकों ने अब तक अपनी अचल संपत्ति का ब्योरा (Property Return) दर्ज नहीं किया है, विभाग अब उनके खिलाफ सबसे सख्त कदम उठाने जा रहा है। शिक्षा विभाग ने साफ कर दिया है कि ऐसे लापरवाह कर्मचारियों का अगला वेतन (Salary) रोक दिया जाएगा। विभाग की ओर से इस संबंध में सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (DEOs) और खंड शिक्षा अधिकारियों (BEOs) को अंतिम चेतावनी पत्र जारी कर दिया गया है। बता दें कि अभी तक आधे से ज्यादा कर्मचारियों ने अपनी प्रॉपर्टी रिटर्न नहीं भरी है।

निदेशक मौलिक शिक्षा, हरियाणा पंचकूला की ओर से सभी जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को स्मरण पत्र जारी कर कहा गया है कि उनके अधीन कार्यरत श्रेणी-1, श्रेणी-2 और श्रेणी-3 के सभी कर्मचारी वित्त वर्ष 2025-26 की अपनी ऑनलाइन प्रॉपर्टी रिटर्न 22 मई 2026 तक हर हाल में भरने को कहा गया था। विभाग ने स्पष्ट किया था कि जिन कर्मचारियों की पिछले वर्षों की प्रॉपर्टी रिटर्न लंबित है, उन्हें भी तुरंत पूरा करवाया जाए। यह पूरी प्रक्रिया राज्य सरकार की वेबसाइट intrahry.gov.in पर ऑनलाइन करनी होगी। विभाग ने चेतावनी दी कि यदि किसी कर्मचारी ने समय पर प्रॉपर्टी रिटर्न नहीं भरी और उसका वेतन रुकता है, तो इसकी जिम्मेदारी स्वयं कर्मचारी की होगी। मौलिक शिक्षा विभाग ने सभी जिला अधिकारियों को इस कार्य को उच्च प्राथमिकता पर पूरा कराने के निर्देश दिए, ताकि तय समय सीमा के भीतर सभी कर्मचारियों की जानकारी ऑनलाइन अपडेट हो सके। लेकिन इसके बावजूद आधे से ज्यादा कर्मचारियों ने अपनी प्रॉपर्टी रिटर्न को दाखिल नहीं किया।

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क्यों उठाया गया यह कड़ा कदम?

नियमों के मुताबिक, सभी सरकारी कर्मचारियों को हर साल एक निश्चित समय सीमा के भीतर अपनी चल-अचल संपत्ति का ब्योरा ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज करना अनिवार्य होता है। इसका उद्देश्य प्रशासनिक स्तर पर पारदर्शिता बनाए रखना और भ्रष्टाचार पर लगाम लगाना है। शिक्षा विभाग ने इससे पहले कर्मचारियों को दो बार मौका दिया और रिमाइंडर जारी किए, लेकिन इसके बावजूद सैकड़ों शिक्षकों और प्रशासनिक स्टाफ ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। विभाग के बार-बार आदेशों की अवहेलना करने पर अब आला अधिकारियों ने ‘नो वर्क, नो पे’ की तर्ज पर ‘नो रिटर्न, नो सैलरी’ का सख्त रुख अख्तियार कर लिया है।

अब आखिरी मौका

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यदि अंतिम तय तारीख तक प्रॉपर्टी रिटर्न फाइल नहीं किया गया, तो संबंधित आहरण एवं संवितरण अधिकारी (DDO) उस कर्मचारी का वेतन जारी नहीं कर पाएंगे। विभाग ने इसे कर्मचारियों के लिए आखिरी मौका बताया है। इसके बाद बिना किसी नोटिस के सीधे सैलरी रोकने की कार्रवाई की जाएगी। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि जून महीने का वेतन जो 30 जून या 1 जुलाई को जारी होगा वह केवल उन्हीं कर्मचारियों का जारी किया जाएगा जिन्होंने अपनी प्रॉपर्टी रिटर्न को दाखिल कर दिया है।

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